समाचार सच, रामनगर/हल्द्वानी। नैनीताल जिले के रामनगर में बीते दिवस देर रात हुए आईसीआईसीआई बैंक लोन एजेन्ट भाष्कर हत्याकांड (ICICI Bank loan agent Bhaskar murder case) का पुलिस ने चंद घंटो में खुलासा कर दिया है। भाष्कर की हत्या करने वाले उसके ही चार दोस्त निकले हैं। पुलिस के मुताबिक, बीते दिवस देर रात को एक दोस्त पार्टी के दौरान शराब पीने के बाद मामूली कहासुनी में चारों ने भास्कर पांडे की बेल्ट से गला घोंट कर हत्या कर दी थी। पुलिस ने इस मामले के हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है। Disclosure of Bhaskar murder case
पुलिस के अनुसार प्रातः 112 के माध्यम से सूचना मिली कि शिक्षा बोर्ड के आवासीय कालोनी में अवधेश सिंह जीना के सरकारी आवास में एक व्यक्ति का शव पड़ा है। उक्त सूचना पर मौके पर पहुंचे प्रभारी निरीक्षक कोतवाली रामनगर मय पुलिसबल ने मृतक की पहचान भास्कर पाण्डे उपरोक्त के रूप में हुई। प्रथम दृष्टया मामला हत्या करना प्रतीत हुआ। इस सम्बन्ध में मृतक के भाई उमेश चन्द्र पाण्डे द्वारा थाना स्थानीय पर दी गई तहरीर देकर मामला दर्ज कराया पुलिस ने मामले की जांच व0उ0नि0 प्रेम राम विश्वकर्मा के सुपुर्द की गई।
उक्त घटना के खुलासे के लिए विवेचना अधिकारी व0उ0नि0 प्रेम राम विश्वकर्मा के नेतृत्व में तत्काल टीम का गठन कर अभियुक्तगणो की तलाश प्रारम्भ कर दी गई। प्रारम्भिक जांच में बीती रात्रि को मृतक भाष्कर पाण्डे का अवधेश सिंह जीना, अभिजीत उर्फ अभी कश्यप, कौशल चिलवाल व हर्षित कोहली के साथ पार्टी करना प्रकाश में आया। पुलिस ने इसी को मद्देनजर रख तत्काल अभियुक्तगणो की तलाश प्रारम्भ की दी पुलिस ने कौशल चिलवाल, अवधेश सिंह जीना, हर्षित कोहली तथा अभिजीत उर्फ अभि कश्यप को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू की। पुलिस द्वारा सख्ताई दिखाने के बाद आरोपियों ने सारा मामला खोल दिया। जिसमें उन्होंने बताया कि कौशल चिलवाल व अवधेश जीना दोस्त है, अवधेश जीना के घर पर ही कौशल चिलवाल की भास्कर पाण्डे से दोस्ती हुई थी। जिसपर अवधेश सिंह जीना ने अभि0 कौशल चिलवाल को फोन कर पार्टी करने व उसके शिक्षा बोर्ड वाले सरकारी आवास पर मटन लाने के लिए कहा तो कौशल चिलवाल अवधेश जीना के घर करीब 12 बजे दिन में 2 सौ रुपये का मटन तथा चावल लेकर आया, जब कौशल चिलवाल अवधेश जीना के पास पहुँचा तो वहां हर्षित, भास्कर, अभिजीत उर्फ अभि कश्यप व अवधेश पहले से ही मौजूद थे। कुछ समय वहां रूकने के बाद कौशल चिलवाल व भास्कर पाण्डे स्कूटी से जाकर बाजार से शराब ले आए तथा अभिजीत उर्फ अभि कश्यप व हर्षित अपने लिए बीयर लेकर आए, तब तक अवधेश जीना ने मटन बना लिया था। फिर सभी ने शराब पी तथा मटन खाया। खाने पीने के बाद भाष्कर पाण्डे और अवधेश मे बहस होने लगी। भाष्कर अपने घर जाने के लिए तैयार हो रहा था लेकिन ज्यादा नशा चढ़ने के कारण वह घर नही जा पाया फिर अंधेरा होने के बाद अवधेश जीना, हर्षित और अभिजीत उर्फ अभि कश्यप फिर बाजार गए और शराब की बोतल लेकर आए इसी बीच कौशल चिलवाल फिर चिकन ले आया। उसके बाद सभी ने पुनः शराब पीकर चिकन खाया। बाद में देर रात में भाष्कर पाण्डे अवधेश जीना से अपनी स्कूटी की चाबी मांगने लगा और घर जाने की जिद करने लगा इसी बात को लेकर दोनो में बहस हो गयी और एक दूसरे को गाली देने लगे। जिसपर अवधेश जीना ने कौशल चिलवाल और हर्षित से भास्कर को पीटने को कहा और दोनों उसे पीटने लगे इस दौरान हर्षित का कड़ा भास्कर के सिर में लग गया जिससे उसके सिर से खून निकलने लगा। अभिजीत उर्फ अभि कश्यप ने भास्कर के सिर में हल्दी लगाकर पट्टी बाँध दी और उसे इलाज के लिए पूछा तो उसने मना कर दिया। उसके बाद भास्कर को बिस्तर में सुलाकर हर्षित अपनी बाइक से कौशल चिलवाल, अभिजीत उर्फ अभि कश्यप तेलीपुरा रोड में चले गए। जहाँ तीनो ने फिर शराब पी। इस दौरान अवधेश जीना का फोन लगातार हर्षित और कौशल के पास आ रहा था फोन रिसीव करने पर जीना ने बताया कि जल्दी यहाँ आ जाओ नहीं तो भाष्कर मुझे मार देगा। फिर तीनों वापस अवधेश जीना के कमरे में पहुँचे तो अवधेश औऱ भाष्कर दोनों एक दूसरे को गाली गलौज कर रहे थे, उक्त तीनो को देखकर भाष्कर उन्हें भी गाली देने लगा। फिर अवधेश जीना ने कहा कि भाष्कर को पीटो, तो चारांे ने मिलकर भास्कर को पीटने लगे, इस दौरान कौशल चप्पल से, बाकी लोग बेल्ट से पीट रहे थे, फिर कौशल ने पास में रखी आरी उठाकर भास्कर को गला काटने की धमकी दी परन्तु भाष्कर नही माना और ज्यादा गुस्से में आकर लड़ने लगा। कौशल चिलवाल और हर्षित ने भास्कर को पीटा तो भाष्कर जमीन पर गिर गया जिससे उसके सिर में और चोट लग गयी थी और उसके सिर से खून बहने लग गया फिर कौशल चिलवाल ने वहाँ रखे एक्सटेन्शन बोर्ड की तार को भास्कर के गले में लपेट दिया, हर्षित ने वहां रखी चमड़े की बेल्ट को उसके गले में लपेट दिया और चारों ने मिलकर भाष्कर का गला घांेट दिया। जिससे उसकी मौत हो गयी।
घटना के बाद हर्षित ने भाष्कर का मोबाइल ले लिया, फिर अवधेश जीना ने कहा कि तुम तीनो यहां से चले जाओ फिर तीनों अभिजीत उर्फ अभि कश्यप की बाईक से पहले पीरूमदारा गए। जाते समय भाष्कर का फोन चिल्किया रामलीला ग्राउण्ड से मैन हाईवे को जाने वाले रास्ते में गूल में फेंक दिया। फिर ये सब लोग पुनः पीरूमदारा से अवधेश के आवास पर वापस आए। जब इन लोगों को विश्वास हो गया कि भाष्कर मर चुका है तो फिर तीनों कौशल चिलवाल, हर्षित व अभिजीत उर्फ अभि कश्यप अपने अपने घरों को वापस चले गए तथा अवधेश जीना वही अपने आवास में सो गया। पुलिस ने मौके से हत्यारोपियों द्वारा हत्या में प्रयुक्त एक्सटेन्शन बोर्ड मय तार, चमड़े की बेल्ट, शराब की खाली बोतले, लोहे की आरी आदि बरामद कर ली। साथ ही मृतक के मोबाइल की तलाश जारी है। हत्याकांड का खुलासा करने वाली टीम को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पंकज भट्ट ने 5 हजार नगद ईनाम देने की घोषणा की।
खुलासा करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक अरूण कुमार सैनी, उ0नि0 मनोज अधिकारी, अनीश अहमद, कश्मीर सिंह, हे0का0 सुभाष चौधरी, कानि0 हेमन्त सिंह, महबूब आलम, प्रयाग कुमार, ललित आगरी, संजय सिंह, निर्मल सिंह, मौ0 राशिद, संतोष सिंह, दिनेश गिरी, संजय दोसाद, राजीव कुमार मौजूद थे।
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