17 जनवरी को इन राशियों पर लग रही साढे़साती और ढैय्या, जानें क्या करें क्या न करें

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Sadesati and Dhaiya are being observed on these zodiac signs on January 17, know what to do and what not to do

समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। शनि ग्रह 17 जनवरी दिन मंगलवार को राशि परिवर्तन करके कुंभ में आ रहे हैं। ऐसा होने से इस साल 5 राशियों के जातक शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से प्रभावित रहेंगे, जबकि तीन राशियों से साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव खत्म हो जाएगा। आइए, जानते हैं कि जिन राशियों पर शनि की साढेसाती और ढैय्या रहेगी, उन्हें ग्रह शांति के लिए क्या करना चाहिए?

साढ़ेसाती में इन लोगों को नहीं होता ज्यादा कष्ट
ज्योतिष में, शनि को न्याय और कर्म के आधार पर फल देने वाला ग्रह माना जाता है। शनि ग्रह की सात वर्ष की महादशा, शनि की साढ़ेसाती कहलाती है। साढ़ेसाती बहुत ही कष्टकारी मानी जाती है। इस दौरान व्यक्ति के जीवन में कई तरह की परेशानियां आती हैं। हालांकि जो लोग अपने जीवन में न्याय का साथ देते हैं और अच्छे कर्म करते हैं, उनकी कुंडली में शनि की साढ़ेसाती होने पर भी ज्यादा कष्ट नहीं भोगना पड़ता। शनि 17 जनवरी को कुंभ राशि में प्रवेश कर जाएंगे। इसके साथ ही धनु राशि के जातकों को साढ़ेसाती से मुक्ति मिल जाएगी, जबकि तीन राशियों पर प्रभाव बना रहेगा। हालांकि, कुछ उपायों से शनिदेव को शांत कर इस प्रभाव को कम किया जा सकता है। शनिदेव के प्रकोप से बचने के लिए प्रयास करना चाहिए कि कोई भी ऐसा काम ना करें, जो उन्हें पसंद ना हो।

शनि गोचर कुंभ में, जानें क्या बन रही ग्रह स्थिति?
हिंदू पंचांग के अनुसार, शनि 17 जनवरी को मकर राशि से निकलकर कुंभ राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। शनि के कुंभ राशि में प्रवेश करने से मकर, कुंभ और मीन राशि पर साढ़ेसाती का प्रभाव दिखाई देगा। इसके अलावा कुंभ राशि में शनि के आने से मिथुन और तुला राशि के जातकों को ढैय्या से मुक्ति मिल जाएगी। जबकि, कर्क और वृश्चिक राशि के जातकों पर ढैय्या शुरू हो जाएगी। शनि के कुंभ राशि में आने से गुरु के साथ शनि का द्विद्वादश योग बनेगा। क्योंकि गुरु अभी मीन राशि में हो जो कुंभ से अगली राशि है। ऐसे में शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के साथ गुरु का प्रभाव भी इन राशियों पर बना रहेगा।

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शनि साढ़ेसाती के कितने चरण?
शनि की साढ़ेसाती तीन चरणों में चलती है। इन सभी में से दूसरा चरण सबसे कष्टकारी माना जाता है। इस चरण में व्यक्ति को दुर्भाग्य, बीमारियां और असफलताओं का सामना करना पड़ता है। वहीं, शनि की साढ़ेसाती के पहले चरण में व्यक्ति की आर्थिक स्थिति प्रभावित होती है, जबकि तीसरे चरण में सेहत पर असर पड़ता है। शनि जब एक राशि से दूसरी राशि में जाते हैं तब से ही शनि की साढ़ेसाती के तीनों चरणों का प्रभाव शुरू हो जाता है। शनि जिस राशि से जा रहे हैं, उस राशि पर पहला चरण शुरू होता है। जिस राशि में आ चुके हैं, उस पर दूसरा चरण शुरू हो जाता है और जिस अगली राशि में जाएंगे, उसमें तीसरा चरण शुरू हो जाता है।

शनि साढ़ेसाती में क्या करें

शनिदेव 30 साल बाद कुंभ राशि में प्रवेश करने वाले हैं। शनि के राशि परिवर्तन से कुछ राशियों से साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव खत्म हो जाएगा तो कुछ राशियों पर शुरू हो जाएगा। ज्योतिष में शनि की साढ़ेसाती के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए कुछ उपाय बताए गए हैं। आइए जानते हैं शनि के ये उपाय

  • हर शनिवार को 11 बार शनि स्त्रोत का पाठ करें। यदि ऐसा संभव न हो तो फिर हर दिन कम से कम एक बार शनि स्रोत का पाठ करना लाभकारी रहेगा।
  • शनिवार के दिन सफाई कर्मचारियों को कुछ न कुछ दान ज़रूर दें। पैसे या अन्न दान करने से शनि की दशा अच्छी रहती है।
  • जिन लोगों पर शनि की महादशा का प्रकोप है, उन्हें इस दौरान कोकिला वन या शनिधाम की यात्रा करनी चाहिए। ऐसा करना उत्तम माना गया है।
  • पीपल में नियमित रूप से हर शनिवार दूध और जल मिलाकर चढ़ाएं। साथ ही पीपल के पास काले तिल और चीनी रख आएं। चींटियों को चीनी मिलाकर आटा खिलाना भी लाभकारी रहता है।
  • एक नारियल लें और उसे ऊपर की तरफ से काट लें। इसके बाद इसमें चीनी आटा मिलाकर उसे बंद कर दें और ऊपर की तरफ छोटा छेद कर दें। इसके बाद इस नारियल को किसी सुनसान स्थान पर ले जाकर दबा दें। इसका मुंह थोड़ा बाहर की तरफ ज़रूर रखें। जैसे-जैसे चींटियां इसमें रखे आटे का सेवन करेंगी, वैसे-वैसे शनि महादशा से राहत मिलती रहेगी।
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शनि साढ़ेसाती में क्या न करें

  • मंगलवार के दिन काले कपड़े ना पहनें। शनिवार के दिन आप काले कपड़े पहन तो सकते हैं लेकिन, काले रंग के कपड़ों की खरीदारी ना करें।
  • शनि की जब दशा चल रही हो तो मांस-मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए। यदि रोजाना ना संभव हो तो शनिवार और मंगलवार के दिन मांस-मदिरा का सेवन बिल्कुल ना करें।
  • शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के दौरान बुजुर्गों के साथ नकारात्मक व्यवहार ना करें। कार्यस्थल में भी अपने जूनियर के साथ अच्छा व्यवहार रखें। यदि आप किसी का अनादर करते हैं तो आपको शनि के प्रतिकूल प्रभाव का सामना करना पड़ सकता है।
  • शनि की दशा के दौरान लोहा, तेल और काले तिल किसी से भी उधार नहीं लेने चाहिए। हालांकि, आप इन चीजों का दान करते हैं तो आपके लिए फायदेमंद रहेगा।
  • शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के दौरान कानूनी मामलों से दूर रहें। शनि से संबंधित जो भी काम होता है, उसकी शुरुआत करने से बचना चाहिए। यदि आप शनि संबंधित काम करना ही चाहते हैं तो पहले अच्छे ज्योतिष से सलाह जरूर लें।
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