हल्द्वानी में शिवमय हुए मुख्यमंत्री धामी, 108 थाली ज्योति प्रज्ज्वलन कर प्रदेश की सुख-शांति की कामना

समाचार सच, हल्द्वानी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मंगलवार को एमबी इंटर कॉलेज मैदान, हल्द्वानी पहुंचे, जहां उन्होंने दिव्य जागृति संस्थान द्वारा आयोजित भव्य शिव कथा में सहभागिता की। मुख्यमंत्री ने सहज ज्योति पूजन में सम्मिलित होकर 108 थाली ज्योति का प्रज्ज्वलन किया और प्रदेश की सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना करते हुए आशीर्वाद प्राप्त किया।
शिव कथा का श्रवण करने के उपरांत उपस्थित शिव भक्तों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भगवान शिव की कृपा से इस पावन आयोजन में शामिल होना उनके लिए अत्यंत गौरव और सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा कि यह सौभाग्य है कि कुमाऊं के प्रवेश द्वार हल्द्वानी की पुण्य धरा पर शिव महिमा से ओत-प्रोत इस दिव्य आयोजन में आने का अवसर प्राप्त हुआ।
मुख्यमंत्री ने दिव्य जागृति संस्थान के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान समाज में नकारात्मक सोच को सकारात्मक दिशा देने का उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने संस्थान के संस्थापक, दिव्य गुरु परम पूज्य श्री आशुतोष महाराज जी को कोटि-कोटि नमन करते हुए कहा कि उनकी कृपा, साधना और आध्यात्मिक ऊर्जा से असंख्य लोग धर्म, सेवा, करुणा और सदाचार के मार्ग पर अग्रसर हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने शास्त्रों में वर्णित भगवान शिव के अद्वैत स्वरूप का उल्लेख करते हुए कहा कि “न कर्ता, न क्रिया, न योग, न ज्ञान, न भोग — शिव स्वयं शुद्ध चेतना हैं।” यह श्लोक हमें यह बोध कराता है कि शिव हमारे भीतर की चेतना में ही विद्यमान हैं। जब अहंकार समाप्त होता है, द्वेष मिटता है और जीवन में करुणा व समरसता आती है, तब मनुष्य स्वयं शिवमय हो जाता है।
उन्होंने कहा कि संपूर्ण कुमाऊं अंचल सदियों से धर्म, अध्यात्म और सांस्कृतिक चेतना का केंद्र रहा है। यहां की भूमि तप, साधना और शिव भक्ति की जीवंत परंपरा को आज भी संजोए हुए है। प्राचीन ग्रंथों और पुराणों में यहां के मंदिरों, शिवालयों और पवित्र जल स्रोतों का उल्लेख मिलता है, जो इस क्षेत्र की सनातन और शैव परंपरा का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सनातन संस्कृति आज पूरे विश्व में प्रेरणा का स्रोत बन रही है। उनके मार्गदर्शन में उत्तराखंड सरकार देवभूमि की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण व संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि मानसखंड मंदिर माला मिशन कॉरिडोर के माध्यम से कुमाऊं क्षेत्र के प्राचीन मंदिरों को नई पहचान दी जा रही है। इसके साथ ही गंगा कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर, यमुना तीर्थ पुनरुद्धार जैसी ऐतिहासिक परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। दून विश्वविद्यालय में “सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज” की स्थापना कर आने वाली पीढ़ियों के लिए सांस्कृतिक और बौद्धिक आधार भी सुदृढ़ किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान, सामाजिक संतुलन और मूल स्वरूप की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने दोहराया कि उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने “विकल्प-रहित संकल्प” के साथ सरकार पूरी दृढ़ता से आगे बढ़ रही है।
इस अवसर पर विधायक कालाढुंगी बंशीधर भगत, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, मंडलायुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, एसएसपी मंजूनाथ टीसी सहित संस्थान के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में शिवभक्त उपस्थित रहे।



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