उत्तराखंड में बिजली उपभोक्ताओं को झटका, दरों में इतनी फीसदी की बढ़ोतरी, एक अप्रैल से रेट लागू

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समाचार सच, देहरादून। उत्तराखंड में बिजली दरों में करीब-करीब सात फीसदी तक इजाफा हुआ है। ऐसे में उपभोक्ताओं को बिजली खर्च करने के लिए अब हर महीने अतिरिक्त रुपये चुकाने होंगे। बीपीएल श्रेणी के अलावा हर श्रेणी पर बिजली दरों को बढ़ा दिया गया है। ज्ञात हो कि पहले ही कई बार बिजली के रेट में बढ़ोतरी के बाद अब एक बार फिर बिजली के दाम बढ़ाने का निर्णय ले लिया गया है। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने यूपीसीएल और पिटकुल द्वारा वार्षिक टैरिफ में प्रस्तावित बढ़ोतरी के सापेक्ष 6.92 प्रतिशत की वृद्धि करने का निर्णय लिया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए आयोग ने वितरण हानि 13 प्रतिशत को माना है। बिजली की बढ़ी हुई दरें 1 अप्रैल से प्रभावी मानी जाएंगी।

उत्तराखंड में घरेलू उपभोक्ताओं से लेकर व्यापारिक और इंडस्ट्री उपभोगताओं तक के लिए बिजली के दाम बढ़ाने का फैसला ले लिया गया है। देखा जाए तो प्रदेश वासियों के लिए लोकसभा चुनाव के मतदान के बाद यह एक बड़ा झटका है। खास बात यह है कि 19 अप्रैल को ही उत्तराखंड में मतदान हुआ है। अब इसी महीने से प्रदेश में बिजली के लिए वार्षिक तारीख में बढ़ोतरी की गई है। मौजूदा वित्तीय वर्ष 2024 25 के लिए उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड और पिटकुल के साथ ही UJVNL ने भी दरों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया था, जिस पर विचार करने के बाद वार्षिक टैरिफ में 6.92 प्रतिशत बढ़ोतरी का निर्णय लिया गया है।

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वित्तीय वर्ष 2024 -25 के लिए वार्षिक राजस्व आवश्यकता 10690.03 करोड़ निर्धारित की गई है, जिसमें 14708.02 मिलियन यूनिट की अनुमानित विक्रय पर कुल राजस्व 9997.69 करोड़ रुपए अनुमानित राजस्व आकलन किया गया। इसमें 692.34 करोड़ रुपए का राजस्व अंतर के लिए 6.92 प्रतिशत की वार्षिक तारीख में वृद्धि का फैसला लिया गया।

उत्तराखंड में यूपीसीएल, पिटकुल और यूजेवीएनएल द्वारा कुल 38.66 प्रतिशत की बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया गया था। इसमें सबसे ज्यादा बढ़ोतरी का प्रस्ताव यूपीसीएल द्वारा 27.06 प्रतिशत का दिया गया था। आयोग ने सभी पहलुओं पर विचार के बाद बिजली के दामों में 6.92 प्रतिशत की वृद्धि करने का निर्णय लिया।

बीपीएल उपभोक्ताओं को राहत देते हुए आयोग ने उनके लिए किसी भी तरह की वृद्धि नहीं करने का निर्णय लिया है। इस तरह बीपीएल परिवारों को फिक्स चार्ज और बिजली के दामों में किसी भी तरीके के बढ़ोतरी का सामना नहीं करना होगा।

घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली के दामों में बढ़ोतरी का सामना करना होगा। आयोग के निर्णय के बाद अब फिक्स चार्ज में ₹15 प्रति किलो वाट की बढ़ोतरी की गई है। इसके अलावा 100 यूनिट प्रति माह तक खर्च करने वाले उपभोक्ताओं की बिजली दरों में 25 पैसे की वृद्धि की गई है। 101 वॉट से 200 वॉट तक खर्च करने वाले उपभोक्ताओं की लिए 30 पैसे की बढ़ोतरी की गई है। 201 से 400 यूनिट प्रति माह खर्च करने वाले उपभोक्ताओं के लिए 40 पैसे की वृद्धि की गई है। इस तरह प्रदेश के करीब 22 लाख उपभोक्ताओं को बिजली के बढ़े हुए दाम से तगड़ा झटका लगने जा रहा है।

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व्यावसायिक कनेक्शन वाले उपभोक्ता जिसमें सरकारी एजुकेशनल संस्थान और दूसरे सरकारी विभागों के लिए भी बढ़ोतरी की गई है. 25 किलोवाट तक के लिए 10 रुपए प्रति किलो वाट का फिक्स चार्ज बढ़ाया गया है। साथ ही बिजली के दाम में 30 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी हुई है. 25 किलोवाट से ऊपर वाले उपभोक्ताओं को फिक्स चार्ज में ₹10 प्रति किलो वाट बढ़ोतरी और बिजली के दाम में 35 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है।

छोटे उद्योगों के लिए 25 किलोवाट तक ₹10 फिक्स चार्ज की बढ़ोतरी और बिजली के दामों में करीब 25 पैसे की बढ़ोतरी की गई है। 25 किलोवाट से अधिक वाले छोटे उद्योग के उपभोक्ताओं के लिए भी फिक्स चार्ज ₹20 बढ़ाया गया है। बिजली के दामों में 50 पैसे की बढ़ोतरी हुई है। बड़े उद्योगों के लिए भी फिक्स चार्ज में ₹20 प्रति केवीए की बढ़ोतरी की गई है। बिजली के दामों में भी ऑस्टिन 64 पैसे की बढ़ोतरी की गई है।

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