आज ही के दिन शहीद हुए थे सिपाही खीम सिंह…

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समाचार सच, हल्द्वानी। सिपाही खीम सिंह का जन्म श्री पान सिंह मेहरा व श्रीमती सरूली देवी के घर में दिनांक 10 अप्रैल 1962 को हुआ। मेजर बी एस रौतेला के द्वारा दी गयी जानकारी के अनुसार वे मूल रूप से जनपद नैनीताल के खैरना-बेतालघाट मार्ग पर स्थित कोरड गाँव के रहने वाले थे। 12वीं की पढ़ाई करते ही वे कुमाऊँ रेजीमेंट में भर्ती हो गए। उनकी पहली तैनाती जम्मू-कश्मीर में हुई। कुछ समय बाद उन्हें ऑपरेशन मेघदूत के अंतर्गत सियाचिन में भी तैनात किया गया। सियाचिन से लौटने के बाद 18 कुमाऊं को श्रीलंका में शांति सेना के रूप में भेजा गया लेकिन वहां जाते ही उन्हें लिट्टे विद्रोहियों का सामना करना पड़ा। आज ही के दिन 29 अक्टूबर 1987 को भारत माता का यह वीर सपूत श्रीलंका में कर्तव्यनिष्ठा पूर्वक अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए शहीद हो गया।

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शहादत के वक्त उनका बड़ा पुत्र पुष्कर मात्र 3 वर्ष और छोटा पुत्र सुरेश मात्र 1 वर्ष का था। लेकिन उनकी वीर नारी श्रीमती हेमा देवी ने हिम्मत नहीं हारी। अपने आप को मजबूत रखा, विकट समस्याओं का सामना किया। जिसके परिणामस्वरूप उनका बड़ा बेटा कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई करने के बाद अब इंजीनियर है जबकि छोटा बेटा भारतीय सेना में मेजर के पद पर कार्यरत है।

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समाचार सच परिवार शहीद खीम सिंह की शहादत को सलाम करता है और उनको नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित करता है।

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