मैथ्स की विशेष पहचान – सुपर 15…

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समाचार सच, हल्द्वानी। प्रतिस्पर्धा के दौर में हल्द्वानी में कोचिंग संस्थानों की बाढ़ सी आ गयी है। हालांकि इन संस्थानों द्वारा बड़े-बड़े दावे किये जाते हैं, लेकिन छात्र/छात्राएं कितना सफल हुए, यह रिजल्ट से जाना जा सकता है। हालांकि सभी संस्थानों द्वारा योग्यतम फैकल्टी होने का प्रचार/प्रसार किया जाता है। यह तो सभी अभिभावकों या छात्र/छात्राओं को पता नहीं होता है कि फैकल्टी की योग्यता या विशेषज्ञता क्या है। अगर हम किसी संस्थान के फैकल्टी की योग्यता के आधार पर चयन करें तो रिजल्ट बेहतर हो सकता है।

क्वालिटी से समझौता नहीं यह कांसैप्ट लेकर हल्द्वानी में सुपर-15 क्लासेज चल रही है। सुपर-15 क्लासेज की संचालिका श्रीमती वर्तिका अग्रवाल कम्प्यूटर साइंस में एम.टेक है। उनका कहना है कि बैच में 10 से 15 तक छात्र-छात्राओं को पढ़ाती हैं। वर्तमान में वे 11वीं व 12वीं में गणित पढ़ाती हैं। वहीं 9वीं और 10वीं में गणित, फिजिक्स व कैमिस्ट्री पढ़ाती हैं। उनका कहना है कि मेरा उद्देश्य छात्र/छात्राओं से धनोपार्जन करना तो है ही नहीं वरन् उनका मानसिक विकास और उनके विषय की सम्पूर्ण जानकारी एवं अपने विषय में महारत हासिल करना है। उन्होंने मार्च में फ्री डेमो क्लासेस भी चलानी है। वर्तमान में सुपर-15 क्लासेज आफिसर्स इन्क्लेव फेज द्वितीय पीलीकोठी हल्द्वानी में स्थित है।

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स्कोरिंग व रोजपरक विषय मैथ्स
हल्द्वानी।
वर्तिका अग्रवाल ने बताया कि गणित रोजगारपरक व स्कोरिंग विषय है इसलिए छात्र/छात्राओं को गणित पर विशेष फोकस देना चाहिए। वे कहती है कि गणित एक रोमांचक विषय है। इसे खेल-खेल में सीखा जा सकता है। इससे डरने की जरूरत नहीं है।

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बेहतर फैकल्टी का करें चुनाव
हल्द्वानी। सुपर-15 की संचालिका वर्तिका अग्रवाल ने बताया कि अभिभावकों को कोचिंग सेंटर का चुनाव करने से पहले वहां के फैकल्टी मेम्बर्स की अकादमिक योग्यता देख लेनी चाहिए। उसके बाद ही संस्थान का चयन करना चाहिए। उन्होंने अभिभावकों से अनुरोध किया है कि बड़े – बड़े कोचिंग संस्थानों की चमक दमक में आकर अपने बच्चों का वहां एडमिशन करवाकर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ न करें। उनका यह भी कहना है कि छोटे स्तर के कोचिंग संस्थान भी अच्छा परिणाम दे सकते हैं। वे पिछले 3 वर्षों से छोटे स्तर पर अपना कोचिंग संस्थान चला रही हैं और बेहतर परिणाम दे रही हैं

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