अध्यात्म: पीपल के पेड़ की कितनी परिक्रमा करनी चाहिए, जाने कब कितनी परिक्रमा लगाए

खबर शेयर करें

Spirituality: How many parikramas should be done around the Peepal tree, don’t know when and how many parikramas

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। पीपल के पेड़ की कितनी परिक्रमा करनी चाहिए, जाने कब कितनी परिक्रमा लगाए, हिन्दू सनातन धर्म में पीपल का पेड़ शुभ और पूजनीय माना जाता है। ऐसा माना जाता है की पीपल के पेड़ पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का वास होता हैं। अगर आप पीपल के पेड़ की पूजा करके पीपल के पेड़ की परिक्रमा लगाते हैं। तो भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के आशीर्वाद की प्राप्ति होती हैं।

ऐसा माना जाता है की पीपल के पेड़ की परिक्रमा लगाने से व्यक्ति के विभिन्न प्रकार के दुःख दूर होते हैं। लेकिन काफी लोगो को पता नही होता हैं। की पीपल के पेड़ की कितनी परिक्रमा करनी चाहिए। अगर आपको भी इस बारे में जानकारी नही हैं। तो आज का हमारा यह आर्टिकल अंत तक जरुर पढ़े।

आज हम आपको बताने वाले है की पीपल के पेड़ की कितनी परिक्रमा करनी चाहिए। इसके अलावा इस टॉपिक से जुडी अन्य और भी जानकारी प्रदान करने वाले हैं।

पीपल के पेड़ की कितनी परिक्रमा करनी चाहिए

जो लोग नियमित रूप से पीपल के पेड़ की पूजा करते हैं। ऐसे जातक पीपल के पेड़ की तीन परिक्रमा लगा सकते हैं। सामान्य रूप से पीपल के पेड़ की तीन परिक्रमा लगाने का नियम हैं।

यह भी पढ़ें -   29 जनवरी 2026 बृहस्पतिवार का पंचांग, जानिए राशिफल में आज का दिन आपका कैसा रहेगा

लेकिन अगर आप किसी समस्या से परेशान हैं. तो ऐसे में आपको पीपल के पेड़ की अलग अलग संख्या में परिक्रमा लगानी होती हैं। जिसके बारे में हमने नीचे जानकारी प्रदान की हैं।

अच्छे स्वास्थ्य के लिए पीपल के पेड़ की परिक्रमा

अगर आप अच्छा स्वास्थ्य चाहते हैं। तो आपको पीपल के पेड़ की 108 बार परिक्रमा करनी चाहिए। ऐसा माना जाता है की पीपल के पेड़ में दैवीय शक्ति होती हैं। जो आपके स्वास्थ्य में सुधार ला सकती हैं। अगर आपके शरीर का वात, पित्त और कफ बिगड़ा हुआ हैं। तो आपका स्वास्थ्य हमेशा के लिए बिगड़ा हुआ रहेगा।

ऐसे में आपको पीपल के पेड़ की 108 बार परिक्रमा लगानी चाहिए। साथ-साथ आपको पीपल के पेड़ की परिक्रमा लगाते समय “ऊँ नमः शिवाय” मंत्र का जाप भी करना हैं। ऐसा करने से आपके स्वास्थ्य में सुधार आएगा। तथा आपके शरीर का वात, पित्त और कफ का संतुलन अच्छे से बना रहेगा।

मानसिक शांति की प्राप्ति के लिए पीपल के पेड़ की परिक्रमा

अगर आपको मानसिक शांति की जरूरत हैं। आप हमेशा ही बेचेन और चिंता में लगे रहते हैं। तो ऐसे में आपको पीपल के पेड़ की परिक्रमा लगानी चाहिए।

ऐसा माना जाता है की सुबह के समय तीन या सात बार पीपल के पेड़ की परिक्रमा लगाई जाए। तो इससे व्यक्ति को मानसिक शांति की प्राप्ति होती हैं। व्यक्ति के जीवन से चिंता खत्म होती हैं। और व्यक्ति किसी भी भय और डर के जीवन जीने में सक्षम होता हैं।

शनिदेवता के बुरे प्रकोप से बचने के लिए पीपल के पेड़ की परिक्रमा

यह भी पढ़ें -   होली के रंगों में सजी लोकसंस्कृति: ‘बरसत रंग फुहार’ पुस्तक का विमोचन”

कई बार हमारी कुंडली में शनिदेवता बुरे प्रकोप के साथ मौजूद होते हैं। ऐसे में हमारा पूरा जीवन दुखी हो जाता हैं। इस स्थिति में शनिदेवता को प्रसन्न करना होता हैं। अगर आपकी कुंडली में शनिदेवता बुरे प्रकोप के साथ मौजूद हैं।

तो शनिदेवता को प्रसन्न करने के लिए शनिवार के पीपल के पेड़ की सात बार परिक्रमा लगानी चाहिए। परिक्रमा लगाने के बाद आपको सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए। इससे शनिदेवता का बुरा प्रकोप आपकी कुंडली से हट जाएगा। और आपको सुख की प्राप्ति होगी।

तो कुछ इस प्रकार से विभन्न प्रकार के दुःख से बचने के लिए आप अलग अलग संख्या में पीपल के पेड़ की परिक्रमा लगा सकते हैं।

घर के सामने पीपल का पेड़ शुभ है या अशुभ

  • ज्योतिष शास्त्र के अनुसार घर के सामने पीपल का पेड़ होना अशुभ माना जाता हैं। वैसे तो यह पेड़ पूजनीय माना जाता हैं। लेकिन घर के सामने पीपल का पेड़ होना अशुभ होता हैं।
  • ऐसा माना जाता है की घर के सामने पीपल का पेड़ होने से आपके परिवार पर आर्थिक संकट आ सकता हैं। इससे आपके घर में पारिवारिक कलह बढ़ सकता हैं। घर के सामने लगा हुआ पीपल का पेड़ आपको तरक्की करने से भी रोकता हैं. आप जीवन में तरक्की नही कर पाते हैं।
  • अगर आपके घर के सामने पीपल का पेड़ है। तो पेड़ की पूजा करने के बाद उसे जड़ से निकाल देना चाहिए। और किसी अन्य जगह पर लगा देना चाहिए। आप किसी मंदिर के प्रांगण में भी पीपल का पेड़ लगा सकते हैं।
Ad Ad Ad Ad AdAd Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें

👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें

हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440