समाचार सच, हल्द्वानी डेस्क। हिमालयन डायलॉग्स और काफल ट्री फाउंडेशन के सहयोग से ड्रामा डेरा संस्था द्वारा आयोजित तीन दिवसीय 4एससी ड्रामा वर्कशॉप हल्द्वानी के रमोलिया हाउस में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस कार्यशाला का संचालन ड्रामा डेरा के संस्थापक एवं वरिष्ठ रंगकर्मी सुभाष रावत ‘शुबा’ ने किया।
8 से 16 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए आयोजित इस एक्टिविटी आधारित वर्कशॉप में हल्द्वानी सहित आसपास के क्षेत्रों के विभिन्न विद्यालयों से 18 बच्चों ने भाग लिया। कार्यशाला के दौरान बच्चों को नाटक और खेल आधारित गतिविधियों के माध्यम से 4एससी यानी कम्युनिकेशन, कोलैबोरेशन, क्रिटिकल थिंकिंग और क्रिएटिविटी के व्यावहारिक पहलुओं से परिचित कराया गया। बच्चों ने सीखा कि संवाद केवल बोलने तक सीमित नहीं है, बल्कि सुनना, समझना और सही प्रतिक्रिया देना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। विभिन्न अभ्यासों के जरिए बच्चों में आत्मविश्वास के साथ अपने विचार व्यक्त करने की क्षमता विकसित हुई। क्रिटिकल थिंकिंग सत्रों में बच्चों को परिस्थितियों का विश्लेषण करना, सवाल पूछना और समाधान तलाशना सिखाया गया।
कोलैबोरेशन पर आधारित गतिविधियों में बच्चों ने समूह में काम करना, एक-दूसरे की बात का सम्मान करना और साझा लक्ष्य के लिए मिलकर प्रयास करना सीखा। वहीं क्रिएटिविटी सत्रों में यह बताया गया कि रचनात्मकता केवल कला तक सीमित नहीं, बल्कि सोच और समस्या समाधान का अहम हिस्सा है।
वर्कशॉप के अंतिम दिन आयोजित ‘कुटुम्ब थिएटर’ सत्र में अभिभावकों ने बच्चों के साथ मिलकर गतिविधियों में भाग लिया। इस दौरान बच्चों ने नेतृत्व की भूमिका निभाई, जिससे अभिभावक-बच्चों के बीच आपसी समझ और जुड़ाव और मजबूत हुआ। ट्रेनर सुभाष रावत ‘शुबा’ ने कहा कि नाटक बच्चों के व्यक्तित्व विकास का सशक्त माध्यम है, जिससे वे सहानुभूति, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी सीखते हैं। अभिभावकों ने भी इस वर्कशॉप को बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए बेहद लाभकारी बताया।

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