समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। हिंदू कैलेंडर के अनुसार अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 22 सितंबर 2025 सोमवार से शारदीय नवरात्रि का महापर्व प्रारंभ होगा जो 1 अक्टूबर नवमी तिथि के दिन समाप्त होगा। 2 अक्टूबर को विजयादशमी…


समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। हिंदू कैलेंडर के अनुसार अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 22 सितंबर 2025 सोमवार से शारदीय नवरात्रि का महापर्व प्रारंभ होगा जो 1 अक्टूबर नवमी तिथि के दिन समाप्त होगा। 2 अक्टूबर को विजयादशमी…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। आज़ दिनांक २१ सितम्बर २०२५ रविवार का पंचांग श्रीसंवत २०८२ श्रीशाके १९४७ श्री सूर्य दक्षिणायन शरद ऋतु कन्यार्क ५ गते आश्विन कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि रविवार सूर्याेदय ६/३ बजे सूर्यास्त ६/५ बजे राहु काल ४/३० बजे…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। 21 सितंबर पितृपक्ष की अमावस्या को दस वर्ष का आखिरी और दूसरा सूर्यग्रहण लगेगा। इस सूर्य ग्रहण का भारत में कोई महत्व नहीं है, यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, ग्रहण जहां दिखता है, वहां…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। सूर्य ग्रहण तब लगता है जब पृथ्वी और सूर्य के बीच में चंद्रमा आ जाता है। यह घटना खगोलीय दृष्टि के साथ ही धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। साल 2025…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। 21 सितंबर को सर्वपितृ अमावस्या है। सर्व पितृ अमावस्या पर पितरों का स्मरण और तर्पण आवश्यक है क्योंकि हम किसी न किसी रूप में अपने पूर्वजों की अर्जित संपत्ति, नाम और संस्कारों से लाभान्वित होते हैं।…

समाचार सच, हरिद्वार डेस्क। उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में 48 घंटे के भीतर दो दोस्तों की रहस्यमयी मौत से सनसनी फैल गई है। मंगलौर कोतवाली क्षेत्र में पहले मन्नाखेड़ी गांव निवासी 30 वर्षीय आकाश का शव खेत में मिला, और…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। हिंदू पंचांग के अनुसार आश्विन माह के कृष्ण पक्ष को पितृपक्ष कहा जाता है। पितृपक्ष भाद्रपद मास की पूर्णिमा से शुरू होकर आश्विन मास की अमावस्या तक चलते हैं। इस समय पितृ पक्ष चल रहा है।…

समाचार सच, देहरादून डेस्क। उत्तराखंड में बारिश का कहर लगातार जारी है। देहरादून, ऋषिकेश और हरिद्वार जैसे मैदानी इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति के बाद अब चमोली जिले के नंदानगर में बादल फटने की घटना ने हालात और बिगाड़ दिए…

समाचार सच, देहरादून/चमोली। नंदानगर आपदा ने पूरे उत्तराखंड को दहला दिया है। पहाड़ की खामोशी अब चीखों से गूंज रही है। मलबे के ढेर के नीचे दबे अपने अपनों को ढूंढने की उम्मीद में गांववाले लगातार टकटकी लगाए खड़े हैं।…