समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। देहरादून। डॉक्टर आचार्य सुशांत राज ने बताया की हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व है। वहीं सभी एकादशियों में देवउठनी एकादशी एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है क्योंकि इस दिन चातुर्मास की समाप्ति के साथ…


समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। देहरादून। डॉक्टर आचार्य सुशांत राज ने बताया की हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व है। वहीं सभी एकादशियों में देवउठनी एकादशी एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है क्योंकि इस दिन चातुर्मास की समाप्ति के साथ…

दीपावली के 11वें दिन यानी एकादशी को मनाया जाता है इगास समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। (देहरादून)। डॉक्टर आचार्य सुशांत राज ने बताया की इगास पर्व दीपावली के 11वें दिन यानी एकादशी को मनाया जाता है। उत्तराखंड के इस लोक उत्सव…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। आज (रविवार, 19 नवंबर) सूर्य उपासना का महापर्व छठ पूजा है। इस पर्व में सूर्य देव की बहन छठ माता की पूजा खासतौर पर की जाती है। सूर्य को ग्रंथों में प्रत्यक्ष देवता यानी ऐसा भगवान…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। छठ पूजा 4 दिनों तक चलने वाला पर्व है जिसकी शुरुआत कार्तिक शुक्ल चतुर्थी से होती है और कार्तिक शुक्ल सप्तमी को इस पर्व का समापन होता है। आओ इन चार दिनों में क्या खास करते…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। 19 नवंबर 2023 रविवार के दिन छठ पूजा का उत्सव मनाया जाएगा। बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, दिल्ली सहित उत्तर भारत के संपूर्ण क्षेत्र में छठ पूजा का खास प्रचलन है। षष्ठी तिथि पर सूर्याेदय का समय…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। पंचांग के अनुसार कार्तिक शुक्ल द्वितीया 14 नंवबर दोपहर 02.36 बजे से शुरू हो रही है और इस तिथि का समापन 15 नंवबर को दोपहर 01.47 बजे हो रहा है। लेकिन उदया तिथि में भाई दूज…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। दिवाली के पांच दिनी उत्सव में गोवर्धन पूजा और अन्नकूट महोत्सव चौथा त्योहार रहता है जो दिवाली के अगले दिन आता है। श्रीकृष्घ्ण के काल के पहले गोवर्धन पूजा नहीं होती थी। अन्नकूट महोत्सव ही मनाया…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। देव उठनी एकादशी के दिन देवता जागृत होते हैं और कार्तिक पूर्णिमा के दिन वे यमुना तट पर स्नान कर दिवाली मानाते हैं। इसीलिए इसे देव दिवाली कहते हैं। आओ जानते हैं कार्तिक पूर्णिमा अर्थात देव…

समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। नरक चतुर्दशी 11 नवम्बर 2023 को दोपहर 01.57 से प्रारंभ होकर 12 नवम्बर 2023 को दोपहर 02.44 पर समाप्त होगी। इस दिन को रूप चतुर्दशी और काली चौदस भी कहते हैं। हर प्रांत में इसे अलग…