समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। आज़ दिनांक २५ अक्टूबर २०२५ शनिवार का पंचांग श्रीसंवत २०८२ श्रीशाके १९४७ श्री सूर्य दक्षिणायन शरद ऋतु तुलार्क ९ गते कार्तिक शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि शनिवार सूर्याेदय ६/२४ बजे सूर्यास्त ५/२७ राहु काल ९ बजे से…
समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। आज़ दिनांक २५ अक्टूबर २०२५ शनिवार का पंचांग श्रीसंवत २०८२ श्रीशाके १९४७ श्री सूर्य दक्षिणायन शरद ऋतु तुलार्क ९ गते कार्तिक शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि शनिवार सूर्याेदय ६/२४ बजे सूर्यास्त ५/२७ राहु काल ९ बजे से…
समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। दीपावली में पटाखों के धुएं की हवा बेहद खराब हो जाती है। आसमान में धुएं की परत छा जाती है और हवा में मौजूद प्रदूषक हमारे फेफड़ों पर गहरा असर डालते हैं। इसी वजह से लोगों…
समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। आज़ दिनांक २० अक्टूबर २०२५ सोमवार का पंचांग श्रीसंवत २०८२ श्रीशाके १९४७ श्री सूर्य दक्षिणायन शरद ऋतु तुलार्क ४ गते कार्तिक कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि ३/४५ बजे तक तत्पश्चात अमावस्या तिथि सोमवार सूर्याेदय ६/२० बजे सूर्यास्त…
समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। दिवाली केवल रौशनी और मिठास का त्योहार नहीं है, बल्कि यह एक नया आरंभ करने का भी अवसर है। इस शुभ पर्व पर अगर आप वास्तु के कुछ छोटे-छोटे नियमों का पालन करें, तो घर में…
समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। आज़ दिनांक १९ अक्टूबर २०२५ रविवार का पंचांग श्रीसंवत २०८२ श्रीशाके १९४७ श्री सूर्य दक्षिणायन शरद ऋतु तुलार्क ३ गते कार्तिक कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि १/५२ बजे तक तत्पश्चात चतुर्दशी तिथि रविवार सूर्याेदय ६/२० बजे सूर्यास्त…
समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। धनतेरस यानी त्योहारों का वो खास दिन जो पूरे साल समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। इस दिन लोग सोना, चांदी, बर्तन या नई चीजें खरीदते हैं ताकि सालभर लक्ष्मी माता की कृपा बनी…
समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। दीपावली की धूम शुरू हो चुकी है। धनतेरस से इसकी शुरुआत हो जाती है। आज यानी 18 अक्तूबर को कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर धनतेरस का पर्व मनाया जा रहा है। यह दिन खरीदारी…
समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। आज़ दिनांक १८ अक्टूबर २०२५ शनिवार का पंचांग श्रीसंवत २०८२ श्रीशाके १९४७ श्री सूर्य दक्षिणायन शरद ऋतु तुलार्क २ गते कार्तिक कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि शनिवार सूर्याेदय ६/१९ बजे सूर्यास्त ५/३४ बजे राहु काल ९ बजे…
समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। धनतेरस का त्योहार हो और खरीदारी न की जाए ये भला कैसे हो सकता है। लेकिन अब सवाल ये आता है कि धनतेरस के दिन क्या-क्या खरीदा जाए। भले ही हम सालों से ये त्योहार मनाते…