उत्तराखंड में मांगों को लेकर शिक्षकों की चॉक डाउन हड़ताल शुरू, शिक्षण कार्य ठप

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समाचार सच, देहरादून। उत्तराखंड में प्रधानाचार्य सीधी भर्ती परीक्षा को निरस्त करने और प्रधानाचार्य के पद पर शत प्रतिशत पदोन्नति की मांग को लेकर राजकीय शिक्षक संघ ने चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया है।

इसी के तहत, 2 सितंबर सोमवार को प्रदेशभर के हजारों राजकीय शिक्षक चॉक डाउन हड़ताल पर चले गए हैं। रामनगर ब्लाक में भी इस हड़ताल का जबर्दस्त असर देखा जा रहा है, जहां सभी राजकीय हाईस्कूल और इंटरमीडियट कॉलेजों में शिक्षण कार्य ठप है।

संगठन के प्रांतीय नेता नवेंदु मठपाल ने कहा कि विभागीय अधिकारियों और सरकार की हठधर्मिता के कारण शिक्षक संघ को यह कठोर कदम उठाना पड़ा। उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश के राजकीय विद्यालयों में आज शिक्षण कार्य पूरी तरह से ठप है। अगर आज की हड़ताल के बाद भी सरकार उनकी मांगों पर गंभीर नहीं होती, तो 5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर शिक्षक काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन करेंगे।

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इसके अतिरिक्त, 6 सितंबर को जिला मुख्यालय पर सभी शिक्षक अपने व्यक्तिगत अवकाश (ब्स्) लेकर प्रदर्शन करेंगे। 9 सितंबर को प्रांतीय और मंडल कार्यकारिणी देहरादून निदेशालय में धरना प्रदर्शन करेगी। 10 सितंबर से देहरादून निदेशालय में क्रमिक अनशन शुरू होगा, जो 13 सितंबर तक जारी रहेगा। 14 सितंबर 2024 से देहरादून मुख्यालय पर आमरण अनशन शुरू कर दिया जाएगा।
हड़ताली शिक्षकों ने ढेला इंटर कॉलेज में नारेबाजी करते हुए हीरा सिंह राणा, गिर्दा और बल्ली सिंह चीमा के जनगीत भी प्रस्तुत किए।

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