घोड़े की नाल घोड़े के पैर की सुरक्षा करती है इसी तरह यह घर की सुरक्षा करती है

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समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। ऐसी होती है काले घोड़े की नाल – काले घोड़े की नाल का आकार अंग्रेजी के यू अक्षर के जैसा होता है। यह मजबूत लोहे की बनी होती है। इसका प्रमुख कार्य घोड़े के पैर को सुरक्षा प्रदान करना है। साथ ही कहा जाता है कि जिस तरह घोड़े की नाल घोड़े के पैर की सुरक्षा करती है उसी तरह यह घर की भी सुरक्षा करती है। यही कारण है कि लोग इसे अपने मुख्य द्वार पर लगाते हैं। और इसके लगाने से घर में किसी प्रकार की नाकारात्मक उर्जा प्रवेश नहीं कर पाती है।

घोड़े की नाल से तिजोरी रहेगी भरी
बाजार में किसी भी पूजा की दुकान से घोड़े की नाल आसानी से मिल जाती है। आप चाहे तो इसे लोहार से बनवा भी सकते हैं। घोड़े की नाल को घर लाने के बाद सबसे पहले सुबह सूर्याेदय होने से पूर्व स्नान कर ले। आप जिस पानी से नहाए उसमे गंगा जल की कुछ बुँदे मिला लें। इसके बाद घोड़े की एक नाल ले और उसे भी इस गंगाजल वाले पानी से धोकर पवित्र कर लें। इस तरह आपकी नाल गीली भी हो जाएगी. अब जैसे ही सूर्य उदय हो इस घोड़े की नाल को लेकर ऐसा जगह खड़े हो जाए जहाँ सूरज की किरने सीढ़ी इस नाल पर ही पड़े.जब तक कि घोड़े की ये नाल सूरज की किरणों से स्वतः ही सुख नहीं जाती हैं तब तक आप इसे लेकर खड़े रहे। इस दौरान आँखें बंद कर सूर्यदेव को याद करे। इस प्रक्रिया से आपकी ये घोड़े की नाल सकारात्मक उर्जा से भर जाएगी।

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घर के इस कोने में लटकाएं
घोड़े की नाल के सूख जाने के बाद इसे लक्ष्मीजी के सामने रख दे और इसकी कुमकुम और चावल से पूजा करे। अब लक्ष्मी जी की आरती करें और ये आरती पहले लक्ष्मी माता को दें और फिर घोड़े की नाल को दे। अब इस नाल में एक काला धागा या रस्सी बाँध दे। इसके बाद इसे घर के पूर्व या उत्तर दिशा में कहीं लटका दे। ये आर्थिक संपन्नता के साथ घर में शांति भी बनाए रखेगी।

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पहनें छल्ला
घोड़े की नाल के छल्ले का उपयोग हर क्षेत्र में बहुत ही शुभ माना जाता है। सामान्यतया इसका प्रयोग शनि के दुष्प्रभावों और बुरी आत्माओं से बचने के लिए किया जाता है। इसलिए इसे शनि का छल्ला भी कहा जाता है। इसे दाहिने हाथ की माध्यम अंगुली में धारण करना अच्छा माना जाता है। क्योंकि इसी उंगली के नीचे शनि पर्वत होता है। जो व्यक्ति इसे धारण करता है उसके जीवन में सुख संपत्ति और समृद्धि आती है।

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