अर्थराइटिस के दर्द से राहत पाने के लिए आप हल्दी का सेवन करें दर्द से राहत मिलेगी

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समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। अर्थराइटिस यानि गठिया एक ऐसी बीमारी है जो जोड़ों की सूजन व दर्द से जुड़ी है। अर्थराइटिस का दर्द 50 की उम्र के बाद अक्सर लोगों को परेशान करता है लेकिन आज कल खराब लाइफस्टाइल और बिगड़ते खान-पान की वजह से कम उम्र में भी ये दर्द लोगों को परेशान कर रहा है। उम्र बढ़ने पर जोड़ों में घिसाव होता है जिसकी वजह से जोड़ों में दर्द और सूजन की परेशानी बढ़ने लगती है। अर्थराइटिस की बीमारी एक ऑटोइम्युन डिजीज है जिसकी वजह से ज्यादा चलने से, सीढ़िया पर उतरने चढ़ने से जोड़ों में दर्द और सूजन आने लगती है।

डॉक्टर प्रीति छाबरा, एमडी आयुर्वेदिक मेडिसिन,सीनियर कंसल्टेंट फिजिशियन सर गंगाराम हॉस्पिटल के मुताबिक जोड़ों का दर्द घुटनों में, कमर के निचले हिस्से में, सर्वाइकल स्पाइन में, शॉल्डर में और हाथ-पैरों के जोड़ों में परेशान करता है। इस दर्द की वजह से हाथ-पैरों में रेडनेस और दर्द की भी शिकायत रहती है। मौसम बदलने पर ये परेशानी बढ़ने लगती है। सर्दी में ये दर्द ज्यादा परेशान करता है। आइए जानते हैं कि सर्दी में ये दर्द क्यों ज्यादा परेशान करता है और इसका आयुर्वेदिक उपचार कैसे करें।

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सर्दी में क्यों बढ़ जाती है परेशानी?
ठंडी हवाएं चलते ही अर्थराइटिस के मरीजों की परेशानी बढ़ने लगती है। ठंडे मौसम में मांस-पेशियों में ऐंठन बढ़ने लगती है और मांसपेशियां सख्त होने लगती है। पारा कम होते ही ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है जिसकी वजह से अर्थराइटिस का दर्द बढ़ने लगता है। सर्दी में विटामिन डी की कमी इस बीमारी को बढ़ाने में बेहद अहम भूमिका निभाती है।

अर्थराइटिस पेन का आयुर्वेदिक उपचार

हल्दी का दूध ज्वाइंट पेन को दूर करने में असरदार है
औषधीय गुणों से भरपूर हल्दी का सेवन ज्वाइंट पेन को दूर करने में बेहद असरदार होता है। एक गिलास दूध में आधा चम्मच हल्दी का इस्तेमाल किया जाए तो दर्द से राहत मिलती है। एंटी इनफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर हल्दी में करक्यूमिन मौजूद होता है जो दर्द से राहत दिलाता है। हल्दी का सेवन आप खाने में भी कर सकते हैं।

अदरक का सेवन करें
अदरक एक ऐसा मसाला है जिसका इस्तेमाल हम सभी खाने में करते हैं। औषधीय गुणों से भरपूर अदरक में एंटी एनफ्लेमेटरी गुण मौजूद होते हैं जो जोड़ों के दर्द और सूजन से राहत दिलाने में असरदार हैं। जिन लोगों को अर्थराइटिस की परेशानी है वो अदरक का सेवन अपने खाने में करें। अदरक का सेवन चाय में डालकर भी कर सकते हैं। अदरक का सेवन आप काली मिर्च और शहद के साथ भी कर सकते हैं।

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इन आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों का सेवन करें
कुछ आयुर्वेदिक जड़ी बूटियां अर्थराइटिस के दर्द से राहत दिलाने में असरदार साबित होती है। अश्वगंधा, सहीजन, कैस्ट्रल ऑयल, तिल का तेल का सेवन करें। मेथी दाना का सेवन ज्वाइंट पेन से राहत दिलाने में असरदार साबित होता है।

रोटी से करें लेप तैयार
रोटी को एक साइट से पकाकर उसपर कैस्ट्रल ऑयल, हल्दी और तिल का तेल मिलाकर लेप बना लें इस लेप को रोटी पर लगाकर दर्द वाली जगह पर लगाएं आपको दर्द से राहत मिलेगी।

गर्म पानी में सेंधा नमक डालकर सिकाई करें
अर्थराइटिस के पेन से निजात पाने के लिए आप गर्म पानी में सेंधा नमक मिलाकर उससे दर्द वाली जगह की सिकाई करें आपको बेहद फायदा होगा। सिकाई करने के बाद आप तिल के तेल से मसाज करें और उसपर गर्म बैंडेज बांध लें।

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