समाचार सच, देहरादून। उत्तराखंड क्रांति दल द्वारा अमर शहीद श्रीदेव सुमन की 106 जयंती पर श्रद्धांजलि दी गयी। इस अवसर पर श्रीदेव सुमन को याद करते हुए उत्तराखंड क्रांति दल के पूर्व केंद्रीय महामंत्री सुनील ध्यानी ने कहा कि अमर शहीद श्रीदेव सुमन का जन्म जोल गाँव टिहरी गढ़वाल निवासी हरिराम बडोनी माता तारा देवी के यहां 25 मई 1916 को हुआ था, जन्म के समय किसे पता था कि यह बालक भविष्य का जननायक बनेगा। उन्होंने मिडिल तक की पढ़ाई टिहरी से करते हुए राजशाही के खिलाफ उन्होंने बिगुल फंुका, यही नहीं गांधी जी के द्वारा चलाया गया नमक आंदोलन से लेकर सत्याग्रह मे देश कि आजादी मे अपनी बड़ी भूमिका निभायी। टिहरी राजशाही के खिलाफ उन्होंने प्रजामंडल का गठन किया, जिसमें सेकड़ों लोग जुड़े और टिहरी राजा के खिलाफ आंदोलन चरम सीमा तक पहुंचा, जिसका यह परिणाम निकला कि श्रीदेव सुमन को टिहरी साम्राज्य मे प्रवेश करने पर रोक लगा दी। आखिरी मे राजा द्वारा उनको बंदी बनाकर जेल मे डाल दिया गया जहाँ उन्होंने व्यवस्था के खिलाफ अनशन रखा उनका अनशन 84 दिन चला अंत मे वीर नायक अमर शहीद श्रीदेव सुमन ने 25 जुलाई 1944 मे उनके आखिरी सांस ली। वक्ताओं ने यह भी कहा कि टिहरी डैम का नाम श्रीदेव सुमन के नाम पर सुमन सागर बाँध रखा जाय। इस अवसर पर डॉ. शक्ति शैल कपरुवाण, दीपक गैरोला, जय प्रकाश उपाध्याय, शकुंतला रावत, किरन रावत कश्यप, सुशीला पटवाल, राजेंद्र गुसांईं, सुमित डंगवाल, वीरेंद्र, प्रभात डंडरियाल आदि उपस्थित रहे।
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