कैबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों और दायित्वधारियों के वेतन में 30 फीसदी कटौती करने का निर्णय
समाचार सच, देहरादून (एजेंसी)। देश में कोरोना संक्रमित मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अब देश के कई राज्यों ने केंद्र सरकार से लॉकडाउन की मियाद को आगे बढ़ाने की मांग की हैं। ज्ञात हो कि केंद्र सरकार द्वारा 21 दिन का जारी लॉकडाउन आदेश अब 14 अप्रैल तक पूरा होना वाला है। उत्तराखण्ड की सरकार ने भी राज्य में लॉकडाउन की मियाद को आगे बढ़ाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज रही है।
इस बावत बुधवार को मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में प्रदेश में लॉकडाउन की मौजूदा व्यवस्था आगे भी जारी रखने और इस संबंध में केंद्र को प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही केंद्र सरकार की तरह प्रदेश सरकार भी कोरोना संकट के मद्देनजर राज्य के विधायकों की विधायक निधि को दो साल के लिए स्थगित रखने के साथ ही मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों के वेतन में 30 फीसद कटौती करने का निर्णय लिया है। प्रदेश सरकार ने केंद्रीय मंत्रिमंडल के सांसद निधि और सांसदों के वेतन में कटौती के फैसले केा प्रदेश के मंत्री और विधायकों पर लागू कर दिया गया है। अब इसके बाद विधायक निधि में दो साल तक एक-एक करोड़ की कटौती की जाएगी।
वहीं राज्य मंत्रिमंडल ने निर्णय लिया कि प्रदेश के एपीएल परिवारों को तीन माह तक 15 किलो राशन मिलेगा। प्रदेश में कारीब 11 लाख एपीएल परिवार हैं। जबकि मंत्रिमंडल की बैठक में स्वास्यि विभाग में तकनीशियनों की भर्ती के लिये नियमावली को मंजूदी दी गयी और अब 338 पद पर भर्ती होगी।
मंत्रिमंडल की बैठक में मुख्यमंत्री ने गृह, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन, खाद्य आपूर्ति सहित अन्य कुछ विभागों से लॉकडाउन के दौरान रही स्थितियों पर रिपोर्ट मांगी गयी थी। इस रिपोर्ट को सभी मंत्रियों के साथ साझा किया। वहीं तब्लीगी जमातियों और उनके संपर्क में आए लोगों के संक्रमित होने से बढ़ रहे मामलों से सरकार उलझन में है।
शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने कोरोना वाईरस कोविड-19 के सम्बन्ध में कैबिनेट निर्णय के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि –

- भारत सरकार की गाईडलाईन के अनुसार मा0 मुख्यमंत्री, मंत्री और समस्त विधायकगणों के वेतन में 30 प्रतिशत कटौती, कोविड-19 फन्ड के लिये किया जायेगा तथा आगामी दो वर्षों में विधायक निधि के अन्तर्गत एक-एक करोड़ रुपये की कटौती कोविड-19 फन्ड के लिये की जायेगी।
- प्रदेश में जामातियों की संख्या बढ़ने के कारण कोरोना वाईरस कोविड-19 पर नियंत्रण के लिये 14 अप्रैल के बाद लॉकडाउन बढ़ाने की संस्तृति केन्द्र सरकार को भेजा जायेगा।
- खाद्यान सुरक्षा योजना के अन्तर्गत सभी नागरिकों को पर्याप्त राशन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। इसके तहहत अन्त्योदय योजना के अन्तर्गत 35 किग्रा0 राशन गेहूं और चावल के रूप में 03 माह का राशन उपलब्ध रहेगा।
-खाद्यान सुरक्षा योजना सफेद काड धारक को प्रति यूनिट 05 किग्रा0 चावल, दाल फ्री उपलब्ध कराया जाएगा।
-उन दोनों कार्ड से अलग 40 लाख युनिट वाले 10 लाख राशन कार्ड धारकों को 7.5 किग्रा0 राशन की मात्रा को दोगुना कर 15 किग्रा0 राशन कार्ड धारकों को अप्रैल, मई और जून तीन माह के लिए वितरण किया जायेगा।
-जिसके पास कोई भी राशन कार्ड नहीं होगा उन्हें राशन किट दिया जायेगा।
- कोरोना वायरस कोविड-19 के इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा विभाग, टैक्निशियन संवर्ग विभिन्न पदों हेतु कुल 347 पदों पर नियुक्ति की जायेगी।
-आज 823 आईसोलेशन बैड, पॉजिटिव केस हेतु, 1682 संदेहास्पद बैड, 455 आईसीयू, 251 वैंटिलेटर, 8695 पीपीई किट, 2034 वीटीएम किट सुविधा मौजूदा है। इसके अतिरिक्त गैर-सरकारी अस्पताल में भी सुविधा उपलब्ध है।
-उपरोक्त इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने का भी प्रयास किया जा रहा है।
- खाद्यान वितरण – कार्य के सम्बन्ध में निर्णय लिया गया कि एनजीओ इत्यादि प्रशासन के माध्यम से करायें।
- बैठक में सोशल डिस्टेसिंग पर बल देते हुए कहा गया कि प्रभारी मंत्री अपने जनपदों की समीक्षा वीडियों कान्फ्रेंसिंग और टेलीफोन के माध्यम से करे, तथा सभी विधायक गण क्षेत्रों में ना जाकर अपने निवास स्थान पर टेलीफोन के माध्यम से समीक्षा करें।
- रोजाना आवश्यक सामग्री के खरीद हेतु दी गयी समय सीमा को कम करने का अधिकार मा0 मुख्यमंत्री को सौंपा गया।



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