सुबह उठकर कौन से काम हैं, जिन्हें करने से गुड लक हमेशा आपके साथ बना रहेगा

खबर शेयर करें

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। गुड लक और बैड लक हमारे जीवन में बहुत अहमियत रखते हैं। कई बार हम भरसक मेहनत करके कोई काम करते हैं और यदि वह पूरा नहीं होता है, तो उसे बैड लक से जोड़कर देख लेते हैं। वहीं इसके विपरीत कभी-कभी बिना मेहनत के कोई काम बे उम्मीद सफलता पा जाता है, तो उसे हम गुड लक से जोड़ लेते हैं। गुड लक और बैड लक यह सब कुछ हमारी दिनचर्या और हमारे कर्मों पर निर्भर करता है। भोपाल के रहने वाले ज्योतिषाचार्य पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा हमें बता रहें हैं कि सुबह उठकर कौन से काम हैं, जिन्हें करने से गुड लक हमेशा आपके साथ बना रहेगा।

इष्ट देव की पूजा
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार व्यक्ति को नियमित रूप से अपने इष्ट देव की पूजा करना चाहिए। उनकी पूजा करने से बैड लक गुड लक में बदल जाता है। इसके अलावा आपके इष्ट देव आपको तरक्की का आशीर्वाद देते हैं और आपके हर संकट को दूर करते हैं।

यह भी पढ़ें -   सफाई कर्मियों की समस्याओं के समाधान को लेकर आयोग सख्त, समय पर मानदेय और नियमितीकरण के दिए निर्देश

गायत्री मंत्र का जाप करें
हिंदू धर्म में ऐसे कई मंत्र हैं, जिनके जाप के बारे में धार्मिक शास्त्रों में उल्लेख मिलता है। उन्हीं में से एक है गायत्री मंत्र। गायत्री मंत्र का नियमित रूप से जाप करने से जीवन में सकारात्मकता भर जाती है और दरिद्रता दूर हो जाती है। इसके अलावा वह व्यक्ति अपने जीवन में हर काम में सफलता प्राप्त करता है।

उठते ही हथेली के दर्शन करें
अक्सर आपने यह बात सुनी होगी कि सुबह उठकर अपनी हथेली के दर्शन करना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हमारी दोनों हथेली में मां लक्ष्मी, मां सरस्वती और भगवान विष्णु का वास होता है, इसलिए सुबह उठकर दोनों हाथों को जोड़ें और इस मंत्र ‘कराग्रे वसते लक्ष्मीः करमध्ये सरस्वती। करमूले तु गोविन्दः प्रभाते करदर्शनम्।’ का जाप करें और फिर हथेलियों के दर्शन करें।

यह भी पढ़ें -   ऋषिकेश योगनगरी रेलवे स्टेशन पर बड़ा हादसा, शंटिंग के दौरान पटरी से उतरे उज्जैनी एक्सप्रेस के तीन डिब्बे

तुलसी के पास दीपक जलाएं
हिंदू धर्म में हर घर में तुलसी के पौधे की पूजा की जाती है। आप भी अपने दुर्भाग्य को सौभाग्य में बदलना चाहते हैं, तो नियमित रूप से सुबह उठकर स्नान करें और तुलसी में घी का दीपक लगाएं।

सूर्य देव को जल अर्पित करें
सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद नियमित रूप से सूर्य देव को तांबे के कलश में जल, रोली, अक्षत, मिश्री और लाल फूल डालकर अर्घ्य देना चाहिए। ऐसा करने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है, साथ ही समाज में मान-सम्मान बढ़ता है और कार्यक्षेत्र में तरक्की होती है।

Ad AdAd Ad Ad Ad AdAd Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें

👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें

हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440