अंगारक योग क्या है और कैसे ये आपके जीवन में अंधकार फैला देता है?

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समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। अंगारक योग उन कुंडली योगों में शामिल है, जो जिंदगी को दुख देते हैं। किसी की कुंडली में राहु या केतु किसी एक साथ भी मंगल ग्रह का संबंध बन जाए तो उसे अंगारक योग कहते हैं। इस योग में राहु और केतु दोनों ही बड़े अशुभ और नुकसानदायक होते हैं। इस योग का निर्माण मंगल ग्रह राहु और केतु के साथ मिलकर करता हैं और जातक पर नकारात्मक प्रभाव डालता हैं। जिससें जीवन की खुशियां खत्म होने लगती है। जिस योग में जातक पर अग्नि के सामान प्रभाव पड़ने लगता है। वो हमेशा आगबूबला होता रहता है।


आइए जानते हैं अंगारक योग के क्या-क्या प्रभाव होते हैं?

  1. अंगारक योग की पहचान तब की जाती है, जब किसी जातक के व्यवहार में परिवर्तन होने लगे जैसे शांत रहने वाला व्यक्ति क्रोधित होने लगे।
  2. इसमें जातक अपनी शुद्ध भूल जाता है और वह अपने ही काम को करने में सक्षम नहीं रहता है।
  3. इतना ही नहीं अंगारक योग खतरनाक योगों में शामिल होता है। इसमें अग्नि कारक होता है यानी कि जातक को क्रोध का शिकार होना पड़ता है।
  4. कभी-कभी अंगारक योग शुभ फल भी देता है। जब शुभ फल बनता है तो जातक मेहनत और लगन के साथ काम करना शुरू कर देता है।
  5. इसका अशुभ फल जीवन में उतार-चढ़ाव लाता रहता है। अंगारक योग मनुष्य के स्वभाव को हिंसक और नकारात्मक बना देता है।
  6. अंगारक योग में जातक सगे-संबंधियों, माता-पिता, भाई-बहन और पत्नी सभी से रुष्ट रहने लगता है।
  7. इसके प्रभाव से मनुष्य के व्यापार, शिक्षा, रोजगार और वैवाहिक जीवन सभी पर असर पड़ता है।
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अंगारक योग से बचने के उपाय

इस योग के बचने के कुछ उपाय बताए गए हैं जिन्हें करने से आप राहु और केतु के प्रकोप से बच सकते हैं।

  1. इस योग के प्रभाव में आने के कारण मनुष्य पर मंगल का प्रकोप आ जाता है इसलिए उसे मंगलवार के दिन व्रत करना चाहिए।
  2. हर मंगलवार को लाल गाय को गुड का प्रसाद खिलाए और हनुमान मंदिर में जाकर पूजा और अर्चना करें।
  3. इस योग से बचने के लिए शिव के बड़े पुत्र कार्तिकेय को बड़ा ही सहयोगी माना गया है इसलिए कार्तिकेय को खुश करने के लिए मोर को दाना खिलाए।
  4. इसके अलावा अतिथियों का सादर सत्कार करें और घर आए मेहमान को कभी निराश ना होने दें।
  5. भूखों को खाना खिलाएं और गरीबों में दान दें। साथ ही कुत्तों को भी रोटी खिलाएं।
  6. राहु के बीज मंत्र का उच्चारण करें और मंदिर में जाकर राहु केतु का जाप करें।
  7. हर शाम घर में दीपक जलाकर रखें। इसकी रोशनी से शांति बनी रहती।
  8. हर मंगलवार को राम भक्त हनुमान जी के मंत्रों का 108 बार जाप करें।
  9. ज्यादा से ज्यादा धार्मिक कार्यों में हिस्सा लें, भगवान की भक्ति में लीन रहें। अवश्य ही आपको अंगारक योग से मुक्ति मिलेगी
  10. अपने से बड़ो का सम्मान करे।
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