क्या ध्यान रखें आइए जानते हैं

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समाचार सच, अध्यात्म डेस्क।
जन्म दिवस पर

जन्म दिवस के अवसर पर महामृत्युंजय मंत्र का जप करते हुए घी, दूध, शहद और दूर्वा घास के मिश्रण की आहुतियाँ डालते हुए हवन करना चाहिए। ऐसा करने से आपके जीवन में कितने भी दुःख कठिनाइयाँ, मुसीबतें हों या आप ग्रहबाधा से पीड़ित हों, उन सभी का प्रभाव शांत हो जायेगा और आपके जीवन में नया उत्साह आने लगेगा। अथवा शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष का दोनों हाथों से स्पर्श करते हुए ऊँ नमः शिवाय। का 108 बार जप करें।

अकाल मृत्यु व घर में बार बार मृत्यु होने पर
जिसे मौत का भय होता है या घर में मौतें बार-बार होती हों, तो शनिवार को ‘ऊँ नमः शिवाय’ का जप करें और पीपल को दोनों हाथों से स्पर्श करें स खाली १०८ बार जप करें तो दीर्घायुष्य का धनी होगा स अकाल मृत्यु व एक्सिडेंट आदि नहीं होगा स आयुष्य पूरी भोगेगा स ऐसा १० शनिवार या २५ शनिवार करें, नहीं तो कम से कम ७ शनिवार तो ज़रूर करें।

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