-महिलाओं को सशक्तिकरण का संदेश दे रही हैं बिष्ट
-ग्रामीणों की समस्याओं पर मुखर पश्चिमी खेड़ा की प्रधान

समाचार सच, हल्द्वानी। पश्चिम खेड़ा (गौलापार) की प्रधान लीला देवी बिष्ट का मानना है कि महिलाओं की मजबूती (सशक्तिकरण) के लिए वह प्रयासरत हैं। वे अपने वादों को पूरा करने के लिए संकल्पबद्ध हैं। वे कहती है कि पूर्व में बीडीसी मेम्बर और उनके पति अर्जुन बिष्ट के कार्यों को आगे बढ़ायेंगी। उनका कहना है कि गांव में सड़क, नहर, पेयजल, विद्युत आदि की छिटपुट समस्याएं तो हैं, साथ ही गांव से लगे क्षेत्रों में युवाओं में बढ़ते नशे के प्रभाव से चिन्तित हैं। वे कहती हैं कि सड़कों में विद्युत बल्ब नहीं होने के कारण अंधेरा छाया रहता है जिससे लोगों को रात के समय डर लगता है।
अपनी वर्तमान व भावी योजनाओं पर वे समाचार सच के संपादक अजय चौहान और सहायक संपादक धीरज भट्ट से रूबरू हुई। प्रस्तुत है उनसे बातचीत के विस्तृत अंश:-
प्र0- पश्चिमी खेड़ा में क्या – क्या समस्याएं हैं ?
लीला- पश्चिमी खेड़ा में पेयजल, विद्युत आदि की समस्याएं हैं, उन्हें दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए मीटिंग में भी प्रस्ताव रखे गये हैं।
प्र0- अपने वादों को पूरा करने के लिए क्या कदम उठाये जा रहे हैं ?
लीला- गांव के विकास के लिए हमने जो वादे किये थे उसे धरातल पर उतारने के लिए प्रयासरत हूं। मेरे पति ग्रामवासियों के हर कार्य में उनके साथ खड़े हैं। प्रयास रहेगा कि जो वादे किये गये है उन्हें पूरा किया जाय।

प्र0 यहां स्वास्थ्य सुविधाओं का क्या हाल है ?
लीला- ग्रामसभा में पीएचसी व सीएचसी न होने के कारण यहां के लोगों को हल्द्वानी जाना पड़ता है। यहां पर अस्पताल खुलवाने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं।
प्र0- शिक्षा के उत्थान का क्या प्रयास हो रहा है ?
लीला- ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित प्राइमरी स्कूलों में जहां फर्श नहीं है उसको ठीक कराने के लिए बजट की मांग की गयी है। जहां विद्यालय नहीं है उसके लिए भी सरकार से मांग करेंगे।
प्र0- राजनीति में आने की प्रेरणा कहा से मिली ?
लीला- राजनीति में मुझे आने के प्रेरणा मुझे मेरे पति से मिली वे यहां के बीडीसी मेम्बर रहे हैं। मैं उनसे प्रेरणा लेकर उनके कार्याें को आगे बढ़ा रही हूं।
प्र0 – परिवार के साथ कैसे सामंजस्य निभाते हैं ?
लीला – प्रधान के साथ-साथ मैं घर के अन्य कार्यों में भी समन्वय बनाकर चलती हूं। घर में बच्चों, सास व मवेशियों का जिम्मा है। वहां तमाम कार्यों में भी शामिल होना पड़ता है। मेरे पति सहयोग करते हैं।
प्र0- महिलाओं में प्रतिनिधित्व कम है। आगे बढ़ाने के लिए क्या प्रयास किये जा सकते हैं ?
लीला- महिलाओं को और प्रतिनिधित्व देना पड़ेगा जब देश में महिला प्रधानमंत्री बन सकती है तो अन्य महिलाओं को भी आगे लाया जा सकता है। इसके लिए महिलाओं का आत्मनिर्भर बनना पड़ेगा।

प्र0-प्रधान के रूप में क्या सन्देश देना चाहेंगी ?
लीला- मैं प्रधान के रूप में महिलाओं को बेटी – बचाओ, बेटी पढ़ाओ का संदेश देना चाहती हूं। उनका कहना है कि हमें भेदभाव नहीं करना चाहिए। महिलाओं को जागरूक होना पड़ेगा और आगे बढ़ने का प्रयास करना पड़ेगा। इसके अलावा वे युवाओं को नशा मुक्ति का संदेश देना चाहती हैं।



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