समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। क्या आप भी सर्दियों में खुद को सुस्त और उदास महसूस करते हैं? यदि हां, तो आप सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर से ग्रस्त हो सकते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर का मतलब मौसम में बदलाव के साथ अवसाद के लक्षणों को महसूस करना है। सर्दियों में अवसाद यानी डिप्रेशन के केस काफी बढ़ जाते हैं। अब सवाल यह उठता है कि आखिर सर्दियों में डिप्रेशन क्यों बढ़ता है? इसके दो कारण हो सकते हैं। दरअसल, सर्दियों में बॉडी को पर्याप्त सनलाइट नहीं मिल पाती है, जिसके कारण ब्रेन में सेरेटोनिन हॉर्माेन का सीक्रेशन प्रभावित होता है। सेरेटोनिन को हैपी हॉर्माेन के नाम से भी जाना जाता है। यह हमारे मूड को सीधे तौर पर प्रभावित करता है। दूसरा कारण यह है कि ठंड के मौसम में कोर्टिसोल हार्माेन का सीक्रेशन बढ़ जाता है, जो डिप्रेशन के लिए जिम्मेदार होता है। इसी वजह से सर्दी में शरीर के अंदर कोर्टिसोल की मात्रा बढ़ने से लोग उदास और सुस्त महसूस करने लगते हैं। अगर आप या आपके आस-पास कोई सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर का शिकार है, तो नीचे बताए गए इसके लक्षणों को पहचानें। आज इस लेख के जरिए हम आपको सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर की समस्या को नियंत्रित करने के कुछ टिप्स बताने जा रहे हैं।
सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर के लक्षण –
- अक्सर मन उदास रहना
- किसी काम में मन न लगना
- बाहर जाने का मन न होना
- थका हुआ और ऊर्जाहीन महसूस करना
- बहुत अधिक नींद आना
- फूड क्रेविंग होना और वजन बढ़ना
सर्दियों में सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर से बचने के टिप्स –
विटामिन डी
सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर की समस्या से निपटने के लिए पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी लें। रिसर्च की मानें तो विटमिन डी हमारे मूड को रेग्युलेट करने और डिप्रेशन दूर करने में काफी मदद करता है। अक्सर डिप्रेशन की समस्या से जूझ रहे लोगों को विटमिन डी सप्लीमेंट्स दिए जाते हैं। एक स्टडी के मुताबिक, विटामिन डी सप्लीमेंट्स डिप्रेशन के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकती है। इसके लिए अपनी डाइट में विटामिन डी युक्त फूड्स जैसे दूध, अंडे का पीला भाग, मशरूम, मछली आदि शामिल करें। इसके अलावा रोज सुबह की धूप लें। इससे न सिर्फ आपकी हड्डियां महबूत होंगी, बल्कि मूड सुधारने में भी मदद मिलेगी।
सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर से बचने के लिए जितना हो सके एक्टिव रहने की कोशिश करें। इसके लिए रोजाना व्यायाम करें और सुबह-शाम वॉक करें। इसके अलावा, आप एक्टिव रहने के लिए योग या डांसिंग जैसी एक्टिविटी को अपने रूटीन में शामिल कर सकते हैं। व्यायाम करने से आपके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर भी सकारत्मक प्रभाव पड़ेगा।
भरपूर मात्रा में पानी पिएं
सर्दियों में प्यास कम लगती है, जिसकी वजह से हम पानी कम पीते हैं। लेकिन, इसकी वजह से डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी हो सकती है। डिहाइड्रेशन की वजह से आपको एंग्जायटी, डिप्रेशन, गुस्सा, तनाव आदि मानसिक समस्याएं बढ़ सकती हैं। इससे बचने के लिए दिन में कम से कम 7-8 गिलास पानी पिएं।
पर्याप्त नींद लें
सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर की समस्या को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त नींद लें। हेल्थ एक्पर्ट्स के मुताबिक, स्वस्थ रहने के लिए दिन में 7-8 घंटे की नींद बहुत जरूरी है। नींद पूरी न होने के कारण एंग्जायटी, मूड स्विंग्स, तनाव और डिप्रेशन का खतरा बढ़ सकता है। इससे बचने के लिए रात में अच्छी और गहरी नींद जरूर लें।
सोशल रहें
सर्दियों में भले ही आपका घर से बाहर निकलने का मन न हो। लेकिन, अकेले रहने से आपकी उदासी और अधिक बढ़ सकती है। इससे बचने के लिए घर से बाहर निकलें और दोस्तों से मिलें। जब आप अपने दोस्तों और परिवार के लोगों से मिलेंगे, तो इससे आपका मूड रिफ्रेश होगा और आप अच्छा महसूस करेंगे। आप चाहें तो सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर की समस्या से बचने के लिए कहीं घूमने जा सकते हैं या अपनी कोई हॉबी फॉलो कर सकते हैं।



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