बिना बड़े बदलाव किए ऐसे करें घर के वास्तु दोष को दूर?

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समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। तमाम सावधानियों के बावजूद कई बार घर में बिना वजह तनाव और लड़ाई-झगड़ा हो जाता है। जिसके चलते रिश्तों में कड़वाहट और उदासीनता छा जाती है। ऐसे में इसका एक कारण वास्तु दोष भी हो सकता है।
इस संबंध में वास्तु की जानकार रचना मिश्रा के अनुसार वास्तु शास्त्र में वास्तु दोष को दूर करने के कई उपाय हैं, इनमें से कुछ उपाय तो इतने आसान हैं कि आप चाहें तो घर में बिना कोई टूट-फूट कराए भी आप वास्तु दोष दूर हो सकते हैं।

-यदि पानी का प्रवाह घर में ठीक नहीं है या पानी आपूर्ति की दिशा सही नहीं है, तो ईशान कोण यानि उत्तर-पूर्व की ओर एक भूमिगत पानी की टंकी का निर्माण कर उससे ही घर में पानी की आपूर्ति करें। यह स्थिति जहां वास्तु दोष को दूर करेगी वहीं इससे गलत दिशा से पानी की आपूर्ति भी रूक जाएगी।

  • यदि घर का पीछे का हिस्सा नीचा और आगे का हिस्सा ऊंचा उठा है तो निचले हिस्से में डिश एंटीना, टीवी एंटीना आदि लगाएं। ऐसा करने से इस तरह का वास्तु दोष दूर हो जाएगा।
  • घर में बंद पड़ी घड़ियों को या तो घर से हटा दें या उनकी मरम्मत करवा लें। बंद घड़ी के संबंध में माना जाता है कि ये हानिकारक होने के साथ ही नकारात्मक ऊर्जा प्रवाहित करती हैं।
  • घर का प्लास्टर टूटा होने या उसमें दरारें होने पर उसे तुरंत ठीक कराएं। वहीं यदि किचन के दरवाजे के ठीक सामने बाथरूम का दरवाजा हो तो यह नकारात्मक ऊर्जा देता है।
  • इस दोष से बचने के लिए बाथरूम या किचन के बीच में कपड़े का पर्दा या किसी अन्य प्रकार का विभाजन कर दें जिससे किचन से बाथरूम दिखाई न दे।
  • आग्नेय कोण यानि पूर्व-दक्षिण की मध्य दिशा में यदि रसोई नहीं है, तो किचन के आग्नेय कोण में गैस स्टोव रखकर इस दोष को दूर किया जा सकता है। यदि ये मुमकिन न हो तो आग्नेय कोण में शून्य वॉट का बल्ब जलाकर भी इस तरह के दोष का निवारण किया जा सकता है।
  • बोरिंग या भूमिगत टंकी यदि उत्तर दिशा में नहीं बनाई है तो उत्तर दिशा में साधारण पानी की टंकी स्थापित कर इस तरह के दोष से बचा जा सकता है हैं।
  • प्लॉट वर्गाकार नहीं होने की स्थिति में सबसे पहले ये देखें कि लंबाई चौड़ाई के दोगुने से ज्यादा न हो। वहीं यदि लंबाई चौड़ाई से दोगुनी है, तो अतिरिक्त भूमि पर कुछ विकसित किया जा सकता है।
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-इसके अलावा घर के वास्तु दोषों को दूर करने के लिए बिजली के उपकरणों जैसे पंखे, कूलर आदि की समय-समय पर मरम्मत कराते रहें। ताकि वे किसी प्रकार की कर्कश ध्वनि उत्पन्न न करें। इसके साथ ही दरवाजों के कब्जों में तेल डालने से दरवाजा खोलते या बंद करते समय आवाज नहीं करता है। दरअसल वास्तु के अनुसार इस तरह की ध्वनियां अशुभ और हानिकारक मानी जाती हैं।

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-दाम्पत्य जीवन में सुख प्राप्ति के लिए शयन कक्ष की सुंदरता और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। इसके तहत शयनकक्ष ठंडा, हवादार और बिना दबाव वाला होना चाहिए। इसके साथ ही बेडरूम में बेकार की चीजें न रखें। वहीं बेडरूम की निजता को देखते हुए इसकी खिड़की कभी भी दूसरे कमरे में नहीं खुलनी चाहिए। साथ ही शयन कक्ष की आवाज बाहर नहीं आनी चाहिए। इससे दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहे। इसके अलावा शयन कक्ष की दीवारों पर पेंटिंग और चित्र मनभावन और आकर्षक होने चाहिए।

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-बेडरूम में बिस्तर सही दिशा में रखा जाना चाहिए। क्योंकि आरामदायक और पूरी नींद वैवाहिक जीवन को और अधिक सुखद बनाती है। बेडरूम में सोते समय जीरो वॉट का बल्ब जरूर जलाना चाहिए, लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि लाइट सीधे बेड पर न पड़े। वहीं यदि बाथरूम का दरवाजा बेडरूम में खुलता है, तो उसे बंद ही रखना चाहिए या आप उस पर पर्दा भी लगाया जा सकता है।

-वास्तु जानकारों के अनुसार वास्तु दोष की रोकथाम में कछुआ अहम भूमिका निभाता है और अगर आपके घर में भी कछुआ है तो इसका अर्थ ये माना जाता है कि आप बीमारियों और शत्रुओं से दूर रहेंगे। इसके अलावा परिवार की सुख-समृद्धि के लिए पूरे परिवार का फोटो लकड़ी के फ्रेम में लगाकर घर की पूर्व दीवार पर लगाना शुभ माना जाता है। वहीं बेडरूम में पौधे नहीं रखने चाहिए, हां ताजे फूल जरूर बीमार व्यक्ति के कमरे में रखे जा सकते हैं। लेकिन रात में इन फूलों को कमरे से हटा देना चाहिए।

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