समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। करेले का स्वाद जितना कड़वा है, उससे कहीं ज्यादा गुणकारी है। ऐसा कहा जाता है कि करेला खाने वाले को कई बीमारियां नहीं होतीं। चिकित्सीय विज्ञान में इसका औषधीय महत्व भी बताया गया है। करेला का प्रयोग गई दवाईयों को तैयार करने में किया जाता है। यह रक्तशोधक सब्जी है. यहीं कारण है कि प्रतिदिन करेला का सेवन करने से या इसका जूस पीने से बहुत सी स्वास्थ्य समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है। आगे पढ़िए करेला का सेवन से होने वाले फायदे और यह किन-किन बीमारियों के उपचार में सहायक है।
कफ से दिलाए छुटकारा
करेला गर्मियों के मौसम की खुश्क तासीर वाली सब्जी है। इसमें फॉस्फोरस पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। एक महीने तक इसके प्रतिदिन सेवन से पुराने से पुराने कफ बनने की शिकायत दूर हो जाती है। खासी के उपचार में भी करेला काफी फायदा करता है।
शुगर लेवल को कम करें
मधुमेह रोगी को चौथाई कप करेले के रस में इतना ही गाजर का रस मिलाकर पिलाना चाहिए। इससे ब्लड शुगर का लेवल धीरे-धीरे कम होने लगता है। सुबह के समय करेला का जूस पीना बहुत ही फायदेमंद साबित होता है। करेले में मोमर्सिडीन और चौराटिन जैसे एंटी-हाइपर ग्लेसेमिक तत्व पाए जाते हैं।
पथरी रोगियों के लिए अमृत
पथरी रोगियों को दो करेले का रस पीने और करेले की सब्जी खाने से आराम मिलता है। इससे पथरी गलकर धीरे-धीरे बाहर निकल जाती है। 20 ग्राम करेले के रस में शहद मिलाकर पीने से पथरी गल कर पेशाब के रास्ते निकल जाती है। इसके पत्तों के 50 मिलीलीटर रस में हींग मिलाकर पीने से पेशाब खुलकर आता है।
भूख बढ़ाने में सहायक
यदि आपको या आपके परिवार में किसी व्यक्ति को भूख कम लगने या नहीं लगने की समस्या है तो करेले का सेवन उसके लिए फायदेमंद साबित होगा। दरअसल भूख नहीं लगने से शरीर को पूरा पोषण नहीं मिल पाता, जिससे स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियां होती हैं। इसलिए करेले के जूस को रोजाना पीने या करेले की सब्जी खाने से पाचन क्रिया सही रहती है, जिससे भूख बढ़ती है।
त्वचा रोग में भी लाभकारी
करेले में मौजूद बिटर्स और एल्केलाइड तत्व रक्त शोधक का काम करते हैं। करेले की सब्जी खाने और मिक्सी में पीस कर बना लेप रात में सोते समय हाथ-पैर पर लगाने से फोड़े-फुंसी और त्वचा रोग नहीं होते। दाद, खाज, खुजली, सियोरोसिस जैसे त्वचा रोगों में भी करेले के रस में नींबू का रस मिलाकर पीना फायदेमंद है।
डायरिया में फायदेमंद
उल्टी-दस्त या हैजा की समस्या होने पर करेले के रस में थोड़ा पानी और काला नमक मिलाकर सेवन करने से तुरंत लाभ मिलता है। यकृत संबंधी बीमारियों में भी करेला बहुत ही लाभकारी है। जलोदर रोग होने या यकृत बढ़ जाने पर आधा कप पानी में दो चम्मच करेले का रस मिलाकर दिन में तीन से चार बार पीने से लाभ होता है।
बवासीर से राहत
खूनी बवासीर होने पर एक चम्मच करेले के रस में आधा चम्मच शक्कर मिलाकर एक माह तक सेवन करने से खून आना बंद हो जाता है। गठिया या हाथ-पैर में जलन होने पर करेले के रस की मालिश करने से कुछ ही दिनों में आराम मिलने लगता है।
मोटापे से छुटकारा
करेले का रस और एक नींबू का रस मिलाकर हर सुबह दो महीने तक सेवन करने से शरीर में पैदा होने वाली टॉकसिंस और अनावश्यक वसा कम हो जाती है और मोटापा दूर होता है। इससे पाचन क्रिया सही रहती है तो पेट भी सही रहता है, इस कारण भी शरीर पर वसा नहीं चढ़ती।



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