मुआवजे और छात्रों पर दर्ज मामलों को लेकर सकारात्मक संकेत, लेकिन धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर नहीं बनी सहमति, शनिवार को फिर होगी अहम बैठक।
समाचार सच, नई दिल्ली। पेपर लीक विवाद को लेकर सरकार और आंदोलनकारी पक्ष के बीच जारी टकराव फिलहाल खत्म होता नहीं दिख रहा है। शुक्रवार को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हुई उच्चस्तरीय बैठक महज 10 मिनट में समाप्त हो गई और किसी अंतिम निर्णय पर सहमति नहीं बन सकी।
बैठक के बाद आंदोलनकारी पक्ष के प्रतिनिधियों ने दावा किया कि सरकार ने कुछ प्रमुख मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाया है। इनमें पेपर लीक से प्रभावित छात्रों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने और आंदोलन के दौरान छात्रों पर दर्ज मुकदमों पर विचार करने जैसे मुद्दे शामिल हैं।
हालांकि सबसे बड़ा विवाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर बना हुआ है। आंदोलनकारी नेताओं का कहना है कि जब तक इस मांग पर फैसला नहीं होता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उनका दावा है कि सरकार ने इस मुद्दे पर जवाब देने के लिए शनिवार तक का समय मांगा है।
उधर सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल की सभी मांगों को गंभीरता से सुना गया है और उन पर उच्च स्तर पर विचार किया जा रहा है। हालांकि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
अब सभी की नजर शनिवार को प्रस्तावित अगली बैठक पर टिकी है, जहां इस गतिरोध को खत्म करने की कोशिश की जाएगी।
नोट: आंदोलनकारी पक्ष द्वारा किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक निर्णय घोषित नहीं किया गया है।

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