समाचार सच, हल्द्वानी। उत्तराखंड में निवेश के नाम पर बड़ा खेल खेलने वाले ठग आखिरकार कानून के शिकंजे में आ गए। जनता को मोटा ब्याज और सरकारी गारंटी का झांसा देकर करोड़ों रुपये समेटने वाले फर्जी सहकारिता गिरोह का नैनीताल पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। इस सनसनीखेज मामले में दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस पूरे मामले का खुलासा खुद एसएसपी नैनीताल मंजुनाथ टीसी ने प्रेस वार्ता के दौरान किया।
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2017 में आरोपियों ने “देवभूमि बहुउद्देशीय स्वायत्त सहकारिता” के नाम से हल्द्वानी और रामनगर में दफ्तर खोले। खुद को उत्तराखंड सरकार से पंजीकृत बताकर अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर, चंपावत, ऊधम सिंह नगर और नैनीताल जिलों के लोगों को अधिक ब्याज का लालच दिया गया।
शुरुआत में कुछ लोगों को भुगतान कर भरोसा जीता गया, लेकिन जैसे ही मोटी रकम जमा हो गई, दोनों कार्यालय अचानक बंद कर दिए गए। रामनगर कोतवाली में 13 जून 2023 को दर्ज मुकदमे की जांच के दौरान पुलिस को चौंकाने वाले सबूत मिले। जांच में सामने आया कि संस्था के अध्यक्ष हेमचंद पंत और सचिव विकास दुर्गापाल ने अपने साथियों के साथ मिलकर करीब 6 करोड़ 80 लाख रुपये इकट्ठा किए और उसे गबन कर फरार हो गए।
बैंक खातों की जांच में करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन की पुष्टि हुई। मुकदमा दर्ज होने के बाद से दोनों आरोपी लगातार फरार थे। पुलिस ने कोर्ट से वारंट और कुर्की के आदेश भी लिए। दिल्ली, हरियाणा और लखनऊ में कई बार दबिश दी गई, लेकिन आरोपी हर बार ठिकाने बदलकर बच निकलते रहे।
एसएसपी के सख्त निर्देशों के बाद पुलिस ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। आखिरकार 4 फरवरी 2026 को दोनों आरोपियों को नैनीताल जिले के लालकुआं क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ अन्य थानों में भी धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। इस गिरोह में और लोगों की भूमिका की जांच जारी है, जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।



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