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आठ मित्र देशों के 89 कैडेट्स अकादमी से हुए पास आउट, देश को मिले 288 युवा अफसर

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समाचार सच, देहरादून। भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) से आज शनिवार को 288 युवा अफसर देश की सेना की मुख्यधारा में जुड़ गए है। साथ ही अलग-अलग आठ मित्र देशों के 89 कैडेट्स भी अकादमी से पास आउट हुए। शनिवार को पासिंग आउट परेड की दक्षिण पश्चिमी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल अमरदीप सिंह सलामी ली। शनिवार सुबह 6 बजकर 40 मिनट पर मार्कर्स काल के साथ परेड शुरू हुई। कंपनी सार्जेंट मेजर विवेक कुमार, प्रणव, आर्यन सिंह, हिमांशु कुमार, जयेंद्र सिंह व अनिकेत ने ड्रिल स्क्वायर पर अपनी-अपनी जगह ली। 6 बजकर 45 मिनट पर एडवांस काल के साथ ही छाती ताने देश के भावी कर्णधार कदम बढ़ाते हुए परेड के लिए पहुंचे। निरीक्षण अधिकारी दक्षिण पश्चिमी कमान के कमांडर (जनरल आफिसर कमांडिंग-इन-चीफ) लेफ्टिनेंट जनरल अमरदीप सिंह भिंडर परेड स्थल पर पहुंचे और परेड का निरीक्षण किया। निरीक्षण अधिकारी ने कैडेट्स को ओवरआल बेस्ट परफॉर्मेंस और अन्य उत्कृष्ट सम्मान से नवाजा गया। समस्तीपुर (बिहार) के मौसम वत्स को स्घ्वार्ड आफ आनर से नवाजा गया, जबकि ऊधमसिंहनगर उत्तराखंड के नीरज सिंह पपोला को स्वर्ण, मौसम वत्स को रजत व मंडी हिमाचल प्रदेश के केतन पटियाल को कांस्य पदक मिला। दक्षिण दिल्ली के दिगांत गर्ग ने सिल्वर मेडल (टीजी) हासिल किया। भूटान के तेनजिन नामगे सर्वश्रेष्ठ विदेशी कैडेट चुने गए।
परेड के बाद आयोजित होने वाली पीपिंग व ओथ सेरेमनी के बाद पासिंग आउट बैच के 377 जेंटलमैन कैडेट्स बतौर लेफ्टिनेंट देश-विदेश की सेना की मुख्यधारा में शामिल हुए। इनमें 288 युवा सैन्य अधिकारी भारतीय थलसेना को मिले। 89 युवा सैन्य अधिकारी आठ मित्र देशों अफगानिस्तान, भूटान, किर्गिस्तान, मालद्वीव, नेपाल, श्रीलंका, तजाकिस्तान व तंजानिया की सेना के अभिन्न अंग बने। इसके बाद सैन्य अकादमी के नाम देश-विदेश की सेना को 64,145 युवा सैन्य अधिकारी देने का गौरव जुड़ गया। इनमें मित्र देशों को मिले 2,813 सैन्य अधिकारी भी शामिल हैं। परेड के दौरान शनिवार सुबह पांच बजे से पूर्वाह्न 11 बजे तक पंडितवाड़ी से लेकर प्रेमनगर तक जीरो जोन रहा। इस दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग-72 (चकराता रोड) से गुजरने वाला यातायात प्रेमनगर व बल्लूपुर से डायवर्ट रहा।
आईएमए में अबकी अफगानिस्तान के कैडे्टस का अंतिम बैच है। अबकी 43 कैडेट्स पास आउट हुए, लेकिन इनका भविष्य अधर में नजर आ रहा है। कारण है कि अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद अफगान राष्ट्रीय सेना का अस्तित्व समाप्त हो गया है। पिछले साल 15 अगस्त को अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा हो गया था। पिछले साल जब तालिबानी कब्जे के दौरान अफगानिस्तान के 83 जेंटलमैन कैडेट्स आईएमए में सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे थे। इनमें से 40 कैडेट्स दिसंबर 2021 में हुई पासिंग आउट परेड के दौरान पास आउट हुए थे। शेष 43 कैडेट्स शनिवार को पास आउट हो गये। अफगानिस्तान में तालिबानी सत्ता आने के बाद कोई भी अफगान कैडेट्स सैन्य प्रशिक्षण के लिए आईएमए नहीं आया। इस लिहाज से मौजूदा परिप्रेक्ष्य में आईएमए से पास आउट होने वाला अफगान कैडेट्स का यह अंतिम बैच है। साल 2018 में भी 49 अफगान कैडेट्स अकादमी से पास आउट हुए थे। इसके बाद दिसंबर 2020 में हुई पीओपी में 41 और जून 2021 में 43 कैडेट्स पास आउट हुए थे।

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