हल्द्वानी में हुआ गोल्ज्यू संदेश यात्रा का भव्य स्वागत, 6 मई को घोड़ाखाल गोलज्यू मंदिर में हवन व भण्डारे के साथ होगा यात्रा का समापन

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समाचार सच, हल्द्वानी। अपनी धरोहर संस्था द्वारा आयोजित गोलज्यू संदेश यात्रा रात्रि विश्राम के बाद आज प्रातः नैनीताल के लिए रवाना हुई। प्रातः गोलज्यू मंदिर हीरानगर में संस्था अध्यक्ष गणेश मर्ताेलिया व सचिव विजय भट्ट व दल में शामिल सदस्यों ने पूजा अर्चना की और गोलज्यू महाराज का आशीर्वाद लिया। गोलज्यू भक्तों द्वारा गोलज्यू महाराज की जय के नारों के साथ यात्रा दल को नैनीताल के लिए रवाना किया। आपको बता दें कि उक्त यात्रा पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पौड़ी, देहरादून, चंपावत, खटीमा, रुद्रपुर होते हुए हल्द्वानी पहुंची थी।

बीते बुधवार को शाम को अपनी धरोहर संस्था द्वारा उत्तराखंड राज्य की संस्कृति की प्रतीक गोलज्यू यात्रा हल्द्वानी पहुंची। ट्रांसपोर्ट नगर चौराहे पर भारी बारिश के बावजूद यात्रा का नगर यात्रा संयोजक प्रमोद भट्ट व मीडिया प्रभारी रवि दुर्गापाल के नेतृत्व में सैकड़ों गोलज्यू भक्तों द्वारा भव्य स्वागत किया गया। यात्रा दल को सिंधी चौराहा, कालाढूंगी रोड, जेल रोड होते हुए गोलज्यू मंदिर हीरानगर ले जाया गया। मंदिर में कुमाउँनी संगीत वाद्य यंत्रों व महिलाओं द्वारा मंगल गीत गाकर यात्रा का स्वागत किया गया। मंदिर में पूजा अर्चना के बाद रात्रि में जागर का भी आयोजन कर गोलज्यू महाराज में अपनी आस्था प्रकट की गई। आयोजन समिति द्वारा सभी यात्रा दल व भक्तों को प्रसाद वितरण किया।
गुरूवार की सुबह यात्रा यहां से नैनीताल को रवाना हुई। नैनीताल के बाद भवाली होते हुए यात्रा रात्रि घोड़ाखाल पहुंचेगी। अध्यक्ष गणेश मर्ताेलिया ने यात्रा 6 मई को घोड़ाखाल गोलज्यू मंदिर में हवन के साथ इसका समापन होगा और भक्तगण भंडारे में प्रसाद ग्रहण करेंगे। हल्द्वानी के गोलज्यू भक्तों को कल घोड़ाखाल में होने वाले समापन समारोह में आमंत्रित किया।
यात्रा का नेतृत्व कर रहे संगठन के अध्यक्ष रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी गणेश मर्ताेलिया ने कहा कि गोलज्यू हमारे न्याय के देवता हैं और पूरे उत्तराखंड में लोग उन्हें पूजते हैं। गोलज्यू यात्रा के द्वारा पूरे उत्तराखंड में जाकर जन जागृति की गई। सभी स्थानों पर गोलज्यू भक्तों ने यात्रा का भव्य स्वागत किया।उन्होंने बताया कि राज्य के सर्वांगीण विकास में हम सभी का योगदान संभव हो, उत्तराखंड की संस्कृति का संरक्षण व संवर्द्धन हो सके, इसके साथ -साथ यात्रा का उद्देश्य रोजगार, शिक्षा, चिकित्सा तथा कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देते हुए सहभागी बनाना। राज्य व राज्य के बाहर देव संस्कृति (व्यवस्था) में आस्था रखने वाले धर्म, संस्कृति व प्रकृति प्रेमी किसी भी जाति या प्रांत के निवासी जो कि देवभूमि उत्तराखंड के हित में कार्य कर सकें साथ ही कृषि आधारित उत्पादकों को बाजार उपलब्ध कराना तथा देव स्थलों को धार्मिक पर्यटन के रूप में विकसित करना भी यात्रा का उद्देश्य है। सचिव विजय भट्ट ने कहा कि शिल्पकार, मूर्तिकार, लोहार, जगरिये, डंगरिये,लोकगायक लोकनर्तक, वाद्य यंत्र बनाने वाले, बजाने वाले और इसी प्रकार उत्तराखंड की पहचान और विरासत को जीवंत रखने वाले कलाकारों की पहचान करना और उनकी कला को रोजगारोन्मुख बनाना भी यात्रा का उद्देश्य है। यात्रा दल में श्याम सुंदर रौतेला, मनोज इष्टवाल, बीएस मेहता, ललित पंत, जीवन जोशी, मोहन बिष्ट, कैलाश सुयाल, भूपेंद्र भट्ट, भगवान पंत, दिनेश नेगी, हिमांशु खुल्बे, गौरव जोशी, भूपेंद्र बिष्ट, खड़क सिंह रावत, भगत सिंह धर्मशक्तू शामिल हैं।
हल्द्वानी में यात्रा का स्वागत में मुख्य रूप से नगर यात्रा संयोजक प्रमोद भट्ट, मीडिया प्रभारी रवि दुर्गापाल, सुरेश कपिल, गिरीश मेलकानी, जया जोशी, पर्वतीय सांस्कृतिक उत्थान मंच के सभी पदाधिकारी व भक्तजन मौजूद रहे।

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