समाचार सच, मुम्बई डेस्क। हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता मनोज कुमार को श्भारत कुमारश् के नाम से जाना जाता है। लेकिन यह नाम उन्हें कैसे मिला और इसके पीछे क्या कहानी है, यह काफी रोचक है।


मनोज कुमार ने अपने करियर की शुरुआत सामान्य रोमांटिक और सामाजिक फिल्मों से की, लेकिन जब उन्होंने देशभक्ति से जुड़ी फिल्में करनी शुरू कीं, तो उनके अभिनय की एक अलग पहचान बन गई।
उनकी देशभक्ति से प्रेरित फिल्मों में प्रमुख थीं जैसे शहीद (1965) – भगत सिंह के जीवन पर आधारित, उपकार (1967) – ‘जय जवान जय किसान’ के नारे से प्रेरित, पूरब और पश्चिम (1970), क्रांति (1981) फिल्म ‘उपकार’ में उन्होंने एक ऐसे किसान और सैनिक की भूमिका निभाई थी जो देशभक्ति और बलिदान का प्रतीक था। इस फिल्म की अपार सफलता के बाद उन्हें ‘भारत कुमार’ कहकर पुकारा जाने लगा। यह नाम इतना लोकप्रिय हुआ कि उनके प्रशंसकों से लेकर फिल्म इंडस्ट्री तक हर कोई उन्हें इसी नाम से जानने लगा।
मनोज कुमार ने खुद एक बार बताया था कि जब उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री के ‘जय जवान जय किसान’ नारे से प्रभावित होकर फिल्म ‘उपकार’ बनाई, तो शास्त्री जी ने उन्हें इस तरह की फिल्मों को आगे भी बनाने के लिए प्रेरित किया।
इसके बाद मनोज कुमार ने लगातार ऐसी फिल्में दीं जो भारतीय संस्कृति, परंपरा और देशभक्ति को उजागर करती थीं। उनकी फिल्मों में भारतीय मूल्यों का सम्मान, देश के लिए बलिदान और सामाजिक संदेश प्रमुख होते थे। इसी वजह से उनके लिए ‘भारत कुमार’ नाम बिल्कुल उपयुक्त बन गया।
मनोज कुमार को ‘भारत कुमार’ का नाम उनकी देशभक्ति से जुड़ी फिल्मों के कारण मिला। उन्होंने अपने सिनेमा के जरिए देशभक्ति को न सिर्फ पर्दे पर जिया, बल्कि दर्शकों के दिलों में भी इस भावना को जगाया। यही कारण है कि आज भी जब देशभक्ति की फिल्मों की बात होती है, तो सबसे पहला नाम मनोज कुमार का ही आता है।


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