उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र बने प्रेरणा स्रोत, वार्षिक अधिवेशन में प्रतिभाओं का हुआ सम्मान

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हल्द्वानी में आयोजित भव्य कार्यक्रम में पूर्व छात्रों ने साझा किए अनुभव, विश्वविद्यालय से जुड़े रहने का लिया संकल्प

समाचार सच, हल्द्वानी। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में शनिवार को आयोजित वार्षिक पूर्व छात्र अधिवेशन उत्साह, सम्मान और भावनात्मक जुड़ाव का केंद्र बना रहा। विश्वविद्यालय के मुख्य सभागार में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना चुके पूर्व छात्रों ने बड़ी संख्या में प्रतिभाग किया और अपने अनुभव साझा किए।

कार्यक्रम का उद्देश्य विश्वविद्यालय और उसके पूर्व विद्यार्थियों के बीच मजबूत संवाद स्थापित करना, उनके अनुभवों को वर्तमान पीढ़ी तक पहुंचाना तथा विश्वविद्यालय की प्रगति में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।

पूर्व छात्र समिति के प्रभारी डॉ. भानु जोशी ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि पूर्व छात्र किसी भी संस्थान की सबसे बड़ी पहचान होते हैं और उनके अनुभव विश्वविद्यालय की नई पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होते हैं।

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इस अवसर पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने समाज में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रतिष्ठित पूर्व छात्र डॉ. एस. के. तनेजा और लता बोरा को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनके शैक्षिक, सामाजिक और जनसेवा से जुड़े कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे पूर्व छात्र संस्थान की गरिमा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाते हैं।

सम्मान प्राप्त करने के बाद दोनों पूर्व छात्रों ने विश्वविद्यालय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुक्त विश्वविद्यालय ने उन्हें जीवन में आगे बढ़ने का अवसर और आत्मविश्वास प्रदान किया। उन्होंने कहा कि दूरस्थ शिक्षा प्रणाली ने हजारों लोगों के सपनों को नई दिशा देने का कार्य किया है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी ने कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय की असली ताकत उसके पूर्व छात्र होते हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व छात्र समाज में विश्वविद्यालय की पहचान स्थापित करने के साथ-साथ वर्तमान विद्यार्थियों को प्रेरणा देने का कार्य भी करते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि भविष्य में शिक्षा, विज्ञान, प्रशासन, साहित्य, समाज सेवा और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले पूर्व छात्रों को और व्यापक स्तर पर सम्मानित किया जाए।

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पूर्व छात्र समिति के अध्यक्ष डॉ. अनिल कोठारी ने समिति की गतिविधियों और उद्देश्यों की जानकारी देते हुए कहा कि समिति पूर्व छात्रों को एक साझा मंच उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि वे विश्वविद्यालय के विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभा सकें।

कार्यक्रम के दूसरे सत्र में विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत पूर्व छात्रों ने अपने शैक्षिक और व्यावसायिक अनुभव साझा किए। वक्ताओं ने कहा कि मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा प्रणाली ने उन्हें शिक्षा के साथ रोजगार और सामाजिक जिम्मेदारियों को संतुलित करने का अवसर दिया, जिससे वे जीवन में सफलता प्राप्त कर सके।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. राजेन्द्र कैड़ा ने किया, जबकि समापन अवसर पर कुलसचिव डॉ. खेमराज भट्ट ने सभी अतिथियों, शिक्षकों, कर्मचारियों और पूर्व छात्रों का आभार व्यक्त किया।

इस दौरान पूर्व छात्र समिति के उपाध्यक्ष डॉ. बालम दफौटी, सचिव मंजु जोशी, कोषाध्यक्ष गणेश जोशी, कार्यकारी सदस्य चारु जोशी, ललित मोहन, रेखा बिष्ट सहित विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के निदेशक, शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में पूर्व छात्र मौजूद रहे।

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