आयुर्वेदिक औषधियां सर्दियों में बेहतर स्वास्थ्य के लिए

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समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। आयुर्वेद का मतलब है ‘जीवन का शास्त्र’। आयुर्वेद का मानना है कि अगर शरीर स्वस्थ हो तो आप ज्यादा बेहतर जीवन जी सकते हो। इसका उपयोग हजारो सालों से भारत में हो रहा है। अनेक रोग और व्याधिओं से मुक्ति पाने के लिए आज भी आयुर्वेद का उपयोग किया जाता है। इसलिए आज हम आयुर्वेदिक औषधियां के बारे मैं बात करेगे जो इन सर्दियों में आपके बेहतर स्वास्थ्य के लिए बहुत ही आवश्यक है
सर्दियों का मौसम सभी को सुहावना लगता है क्योंकि पुरे साल भर में केवल एक यही समय होता है जब आप अपने मनपसंद की चीजों का सेवन बिना रोक टोक के कर सकते है। सर्दियों में जैसे ही ठंड बढती है सबको खिली-खिली धुप में बैठना अच्छा लगता है। इसके साथ ही इस मौसम में आने वाले तरह तरह के फ़ूड भी सभी को अच्छे लगते है। परन्तु बदलते पर्यावरण के साथ आने वाले इन्फेक्शन्स, सर्दी, जुखाम और एलर्जी से भी हमें सतर्क रहना पड़ता है क्योकि इस मौसम की ये छोटी-छोटी बीमारी किसी से छुपी नहीं है। सर्दियों में बेहतर स्वास्थ्य के लिए अब आपको इनसे घबराने की जरुरत नहीं है।
कुछ ऐसी आयुर्वेदिक औषधियां है जिनसे आप अपनी सभी बिमारियों को पीछे छोड़ शरीर की इम्युनिटी बढ़ा सकते है और सर्दियों में बेहतर स्वास्थ्य का मजा उठा सकते है। यहाँ हम आपको उन्ही आयुर्वेदिक औषधियों और जड़ी बूटियों के बारे में विस्तार से बताने जा रहे है। ये सभी आयुर्वेदिक औषधियां आपकी रसोई में ही मिल जाएगी आपको इनके लिए कहीं भटकने की भी जरुरत नहीं है बस जरूरत है तो इनके सही इस्तेमाल की तो आइये जानते है इन आयुर्वेदिक औषधियां बारे में –
सर्दियों में बेहतर स्वास्थ्य के लिए आयुर्वेदिक औषधियां
काली मिर्च

भारतियों घरों में प्रयोग होने वाला यह मसाला सर्दियों के मौसम में आपको स्वस्थ रखने का सबसे अच्छा उपाय है। और खांसी में होने वाले कफ की समस्या से निजात पाने के लिए किसी भी दवाई से बेहतर है। क्योंकि इसके लिए आपको कहीं जाने की भी आवश्यकता नहीं होगी और न ही बहुत पैसे खर्च करने पड़ेंगे।
सर्दियों में इसके सेवन के लिए आप इसे अपने टोस्ट और अंडे, तली हुई चीजों पर बुरख कर खा सकते है। अपने हर दिन के भोजन में एक चम्मच काली मिर्च को ज़रूर उपयोग करें। वजन को कम समय में घटाने के लिए आप भोजन में काली मिर्च के पाउडर को छिड़क कर खा सकती है।
दालचीनी:
आपने घर के मसालों की रानी, दालचीनी का उपयोग तो कई बार किया होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं किघ् यह आपकी हर बीमारी का इलाज करने में सक्षम है। और जब दालचीनी के साथ शहद का भी मेल हो जाए, फिर तो यह समझो सोने पर सुहागे वाली बात हो गई भारतीय व्यंजनों को सजाने और उसमे नया स्वाद लाने के लिए भारतीय रसोइयों में इसका प्रयोग किया जाता है। क्योंकि इसकी गर्म तासीर सर्दियों में स्वास्थ्य को बिगड़ने से बचाने में मदद करती है। साथ ही रोजाना इसके इस्तेमाल से सर्दियों में शरीर को गर्म भी रखा जा सकता है। और फ्लू व् कोल्ड की समस्या में ये कफ से भी आराम दिलाती है। इसे रक्तशोधक भी माना जाता है सर्दियों में बेहतर स्वास्थ्य के लिए और अर्ली मॉर्निंग होने वाली क्लासेस में कंसंट्रेशन बनाने में मदद करेगी और आपको वार्म रखेगी।
अजवाइन:
अजवाइन औषधीय गुणों का भंडार है तभी तो रसोईघर के साथ ही आयुर्वेद में भी इसका खूब इस्तेमाल किया जाता है। अजवाइन न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाता है बल्कि यह आपको पेट से जुड़ी की बीमारियों को भी दूर रखने में मदद करता है. ये एक तरह की इटैलियन औषधि है जिसका सेवन बच्चे पिज्जा पर सीज़निंग के रूप में करना पसंद करते है। लेकिन क्या आप जानते है की इसमें कई एंटी इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते है जो कफ और सर्दी की समस्या को दूर करने में मदद करते है।
उबले हुए अंडे या अंडे की भुर्जी में कुछ अजवाइन मिलाएं। ये न केवल अपने खाने के स्वाद को बढ़ाने का काम करती है अपितु आपकी लिए बेहतर भी है। अजवाइन का किसी भी रूप में सेवन करना बहुत फायदेमंद होता है। अजवाइन को गुनगुने पानी के साथ साबुत भी चबाया जा सकता है और अजवाइन को पानी में उबालकर भी पीया जा सकता है अजवाइन मोटापे कम करने में भी उपयोगी होती है। रात में एक चम्मच अजवाइन को एक गिलास पानी में भिगो दें। और सर्दियों में बेहतर स्वास्थ्य के लिए सुबह उसे छानकर पी लें। इससे आप सर्दियों में मोटापे से बच पाएंगे।
हल्दी:
हल्दी एक ताकतवर एंटी-आक्सीडेंट है, आयुर्वेद में हल्दी को सबसे बेहतरीन नेचुरल एंटीबायोटिक माना गया है। इसलिए यह स्किन, पेट और शरीर के कई रोगों में उपयोग की जाती है। भारतीय रसोइयों में सबसे अधिक प्रयोग होने वाला यह मसाला हर खाने का मुख्य हिस्सा माना जाता है। दरअसल इसमें एक तत्व पाया जाता है जो इसे उत्कृष्ट प्राकृतिक एंटी बायोटिक बनाता है।
सामान्य तौर पर सभी अपनी दाल सब्जी में इसका प्रयोग मुख्य मसाले के रूप में किया करते है। लेकिन कच्ची हल्दी खाने के भी कई फायदे होते है। कच्ची हल्दी, अदरक की तरह दिखाई देती है। इसे ज्यूस में डालकर, दूध में उबालकर, चावल के व्यंजनों में डालकर चटनी बनाकर और सूप में मिलाकर उपयोग किया जा सकता है। इससे आप अस्थमा और साइनस जैसी समस्यायों को भी दूर कर सकते है। इसके अलावा सर्दियों में बेहतर स्वास्थ्य के लिए गर्म पानी या गर्म दूध में हल्दी मिलाकर पीने के भी कई लाभ होते है।
पुदीना:
पुदीना मेंथा वंश से संबंधित एक बारहमासी, खुशबूदार जड़ी है। इसका प्रयोग अक्सर जूस, चटनी और खाने को स्वाद कर फ्रेश बनाने के लिए किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते है की यह तिमेी खुशबु देने वाली औषधि आपके स्वास्थ्य के लिए कितनी लाभकारी होती है? केवल फ्लू ही नहीं बल्कि इससे जुडी हर समस्या को दूर करने की क्षमता पुदीने में है। इसमें मौजूद मेंथोल नामक तत्व बंद नाक को खोलने में मदद करता है।
फ्लू के कारण शरीर में घुसे वायरस को खत्म करने के लिए पुदीने की हर्बल चाय का सेवन करें। इसके लिए पानी में पुदीने की कुछ पत्तियां डालकर उबाल लें और उससे कुछ देर तक भाप ले। सर्दियों में बेहतर स्वास्थ्य के लिए हफ्ते में एक बार इसका प्रयोग करें। बुखार और फ्लू दोनों अपने आप दूर हो जाएगा।
नीलगिरी:
यूकेलिप्टस जिसको हम नीलगिरी के नाम से भी जानते हैं, काफी मज़बूत पेड़ होता है जिसका तेल बहुत सुगंधित होता है। इसका तेल शरीर के लिए भी लाभप्रद है। जुखाम आदि में विक्स का प्रयोग सभी करते है लेकिन क्या आप जानते है की यूकेलिप्टस भी इस कार्य को करने में सक्षम है। क्योंकि यह पौधा जुखाम में प्रयोग होने वाली मुख्य इंग्रीडिएंट होता है। इससे बेहतर तो यही है की आप इसका सीधा ही प्रयोग करें।
इसके लिए यूकेलिप्टस एसेंशियल आयल की कुछ बूंदे उबलते हुए पानी में डालें। और उसकी भाप लें। सर्दियों में बेहतर स्वास्थ्य के लिए यह आपको पंसलियों से जुडी समस्यायों में आराम देने में मदद करेगा और साथ ही एलर्जी और जुखाम से भी आराम दिलाएगा। आयुर्वेदिक औषधियां में नीलगिरी का अपना अलग स्थान है।

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