नशे को लेकर बनभूलपुरा संघर्ष समिति ने पुलिस को सौंपा ज्ञापन

Ad - Harish Pandey
Ad - Swami Nayandas
Ad - Khajaan Chandra
Ad - Deepak Balutia
Ad - Jaanki Tripathi
Ad - Asha Shukla
Ad - Parvati Kirola
Ad - Arjun-Leela Bisht
खबर शेयर करें

समाचार सच, हल्द्वानी। बनभूलपुरा में स्मैक, चरस, सट्टा व मेडिकल नशे का कारोबार बंद करने की मांग को लेकर थानाध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा गया है। ज्ञापन में कहा गया है कि बनभूलपुरा में खुलेआम स्मैक, चरस, सट्टा और मेडिकल नशा चल रहा है; जिसकी वजह से युवा पीढ़ी बर्बादी की ओर जा रही है। लगातार स्मैक का काम चल रहा है। स्मैक तस्करों पर पुलिस नाम का कोई खौफ नहीं रह गया है। पुलिस भी छोटे तस्करों को गिरफ्तार कर रही है, लेकिन बड़े तस्करों की गिरेबां तक पुलिस के हाथ नहीं पहुंच पा रहे हैं। नशे की गिरफ्त में फंस चुके लोग चोरी, डकैती समेत अन्य अपराधिक वारदातों को अंजाम देने से भी नहीं चूक रहे हैं। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि बड़े तस्करों पर कार्यवाही न होने से यह संभावना भी बलवती हो रही है कि इस कारोबार में कहीं न कहीं पुलिस कर्मियों की संलिप्तता रही है। उन्होंने स्मैक, सट्टा व चरस का कारोबार करने वालों पर गुंडा एक्ट अथवा जिला बदर की कार्यवाही करने की मांग की है। ज्ञापन में पुलिस को स्मैक के अड्डों की भी जानकारी दी गई है। जिसमें रेलवे फाटक, चोरगलिया रोड, मलिक का बगीचा, नईबस्ती ठोकर, शनि बाजार रोड, गफूरबस्ती, इन्द्रानगर बड़ी रोड, छोटी रोड, गोपाल मंदिर आदि स्थान शामिल हैं। चेतावनी दी गई है कि यदि 15 दिन के अंदर स्मैक, चरस, सट्टा व मेडिकल नशे के कारोबार पर सख्त कार्यवाही नहीं की गई तो बनभूलपुरा संघर्ष समिति क्षेत्र के लोगों के साथ बड़ा आंदोलन करेगी। जिसकी समस्त जिम्मेदारी पुलिस-प्रशासन की होगी। ज्ञापन देने वालों में बनभूलपुरा संघर्ष समिति संयोजक उवैस राजा, आसिफ अंसारी, तराई भावर बचाओ संघर्ष समिति के रमेश चन्द्र पलड़िया, युकां जिला महासचिव मो. अरबाज, मो. अरमान, मो. अनीस, मो. यासीन, आरिश अली, खालिद खां, वसीम, आसिफ खान, इमरान, अकीतुर्रहमान, अरमान खान, भूरा खान, वसीम आदि शामिल रहे।

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें

👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें

हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440

Leave a Reply

Your email address will not be published.