समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। बहुत से लोगों को ऐसा लगता है कि खाना खाने के बाद डकार आ गई तो इसका मतलब है कि खाना पच गया लेकिन हकीकत में ऐसा नहीं है। वैसे तो डकार एक सामान्य प्रक्रिया है लेकिन अगर बार-बार और जरूरत से ज्यादा डकार आए तो यह बीमारी का संकेत भी हो सकता है।
डकार आना एक साधारण क्रिया है, जो किसी भी समय आ सकती है। आमतौर पर ऐसा माना जाता है कि डकार भोजन पच जाने का संकेत है। लेकिन वास्तविकता में ऐसा नहीं है। खाना खाते समय या उसके बाद बार-बार डकार लेने का मतलब है कि खाने के साथ ज्यादा मात्रा में हवा शरीर के अंदर चली गई है। जब हवा अंदर जाती है तो बाहर भी निकलती है, जिसे हम डकार कहते हैं। यह पेट से गैस के बाहर निकलने का एक प्राकृतिक तरीका है और अगर पेट से हवा बाहर न निकले तो यह पेट से संबंधित कई समस्याओं को जन्म दे सकती है। लेकिन अगर डकार ज्यादा आए तो ये कई बार कुछ बीमारियों का संकेत भी हो सकता है।
-डाइजेशन का संतुलन बिगड़ने पर आती है डकार। अभिषेक पांडेय की मानें तो पाचन खराब होने से कब्ज या बदहजमी की प्राब्लम हो जाती है। डाइजेशन में मदद करने वाले कुछ बैक्टीरिया पेट में मौजूद होते हैं। इनका संतुलन बिगड़ने पर भी गैस बनती है और डकार आती है। बार-बार डकार आने से एसिड रिफ्लक्स, एसिडिटी और कई गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
इरिटेबल बाउल सिंड्रोम- इस बीमारी में रोगी को कब्ज, पेट दर्द, मरोड़ व दस्त आदि हो सकते हैं। साथ ही इस रोग का एक बड़ा लक्षण बहुत ज्यादा डकार आना भी होता है। इस समस्या के अलावा पेप्टिक अल्सर के कारण भी ज्यादा डकार आ सकती है।
बार-बार डकार आने की समस्या – कुछ भी खाने के बाद डकार आना डाइजेशन के प्रोसेस का एक अहम हिस्सा है, लेकिन बार-बार डकार आने के पीछे कई दूसरे कारण भी हो सकते हैं। बार-बार डकार आने से ऐसिड रिफ्लेक्स, एसिडिटी और कई गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। किन गलत आदतों के बारे में जिसकी वजह से बार-बार डकार आने की समस्या हो सकती है…
बड़े-बड़े कौर खाना, कई लोग जल्दी-जल्दी, बड़े-बड़े कौर लेकर खाते हैं। इसके कारण डाइजेशन पर असर पड़ता है और ज्यादा डकार आती है।
खाते समय जम्हाई लेना – खाते समय या जम्हाई लेते समय ज्यादा मुंह खोलने से पेट में ज्यादा हवा चली जाती है। इससे बार-बार डकार आ सकती है।
डाइजेशन खराब होना – डाइजेशन खराब होने के कारण कब्ज या बदहजमी की प्रॉब्लम हो जाती है। इससे पेट में गैस बनने लगती है और डकार आती है। डाइजेशन में मदद करने वाले कुछ बैक्टीरिया पेट में मौजूद होते हैं। इनका बैलेंस बिगड़ने पर भी गैस बनती है और डकार आती है।
पेट खाली होने के कारण – पेट खाली होने के कारण पेट की खाली जगह में हवा भर जाती है। यह हवा डकार के जरिए बाहर निकलने की कोशिश करती है।
कई फूड बनते हैं कारण -कार्बाेनेटेड ड्रिंक्स, जंक फूड, गोभी, मटर, दालें जैसे कई फूड पेट में गैस बनाते हैं। इन्हें खाने-पीने के बाद भी ज्यादा डकार आती है।
स्मोकिंग से नुकसान – स्मोकिंग करने वाले सिगरेट के धुएं के साथ ढेर सारी हवा अंदर खींचते हैं। पेट में भरी यह हवा डकार के जरिए बाहर निकलती है।
नकली दांत भी वजह – अच्छे से फिट नहीं होने के कारण नकली दांतों के बीच गैप बन जाता है। कुछ खाने-पीने के दौरान ज्यादा हवा पेट में चली जाती है और इससे भी बार-बार डकार आने की समस्या होती है।
ओवरईटिंग से डाइजेशन स्लो –कई बार स्ट्रेस और टेंशन के कारण कुछ लोग ओवरईटिंग कर लेते हैं जिससे डाइजेशन की प्रोसेस स्लो हो जाती है। इससे भी बार-बार डकार आती है।
पेट की बीमारियां – पेट की कुछ बीमारियां जैसे- लैक्टोज इन्टॉलरेंस, इरिटेबल बाउल सिंड्रोम, अल्सर जैसी बीमारियों के कारण गैस बनती है और डकार आती है।
कब्ज या बदहजमी – जिन लोगों को बहुत ज्यादा डकार आती है, उनमें से लगभग 30 प्रतिशत लोगों को कब्ज की समस्या होती है। यह समस्या होने पर खाने में पर्याप्त मात्रा में फाइबर को शामिल करें। इसके अलावा बदहजमी के कारण भी ज्यादा डकार आती है।
डिप्रेशन – तनाव कई समस्याओं का कराण होता है। तनाव या किसी बड़े भावनात्मक परिवर्तन का प्रभाव हमारे पेट पर भी पड़ता है। लगभग 65 प्रतिशत मामलों में मूड में त्वरित व बड़ा बदलाव या तनाव का बढ़ना ज्यादा डकार आने का कारण बनता है।
ऐरोफेजिया – अकसर ऐसा होता है कि हम खाना खाते समय ज्यादा हवा पेट के अंदर ले लेते हैं तो डकार आने लगती है। ऐसी स्थिति को ऐरोफेजिया कहते हैं। इस समस्या से बचने के लिए छोटे निवाले लें और मुंह बंद करके धीरे-धीरे खाने को चबा कर निगलें।


सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें
👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें
👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें
हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440


