पिप्पली और गिलोय का काढ़ा पीने के फायदे

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समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। पिप्पली (लॉन्ग पीपर) और गिलोय (गुडुची) दोनों ही आयुर्वेद में महत्वपूर्ण औषधियाँ मानी जाती हैं। इनका काढ़ा पीने से कई स्वास्थ्य लाभ होते हैं, जैसे….

इम्यूनिटी बूस्टर

  • गिलोय शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और संक्रमण से बचाव करता है।
  • पिप्पली श्वसन तंत्र को मजबूत बनाती है और कफ को कम करने में मदद करती है।

सर्दी-खांसी और जुकाम में राहत

  • गिलोय एंटी-वायरल गुणों से भरपूर होता है, जिससे सर्दी-जुकाम जल्दी ठीक होता है।
  • पिप्पली गले की खराश और बलगम को कम करने में सहायक होती है।

पाचन तंत्र को सुधारता है

  • यह काढ़ा गैस, एसिडिटी और कब्ज जैसी समस्याओं को दूर करता है।
  • पिप्पली पाचन को बढ़ावा देती है और भूख बढ़ाने में मदद करती है।
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बुखार में फायदेमंद
गिलोय को ‘फीवर टॉनिक’ कहा जाता है, यह मलेरिया, डेंगू और वायरल बुखार में लाभकारी होता है।
यह शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में मदद करता है।

जोड़ों के दर्द और सूजन में राहत

  • गिलोय एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होता है, जिससे गठिया और जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है।
  • पिप्पली रक्त संचार को सुधारती है और सूजन को कम करती है।

डिटॉक्स करने में मदद करता है

  • यह काढ़ा शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में सहायक होता है।
  • लिवर और किडनी को साफ करने में मदद करता है।

कैसे बनाएं पिप्पली और गिलोय का काढ़ा?
सामग्री

1 चम्मच गिलोय पाउडर या ताजा गिलोय की टहनी (छोटी टुकड़ों में कटी हुई)
1/2 चम्मच पिप्पली पाउडर
2-3 तुलसी के पत्ते (इच्छानुसार)
1 चम्मच शहद (स्वादानुसार)
2 गिलास पानी

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बनाने की विधि

  • पानी को उबालें और उसमें गिलोय व पिप्पली डालें।
  • इसे धीमी आंच पर 5-10 मिनट तक उबालें।
  • गैस बंद कर दें और इसे छान लें।
  • हल्का गुनगुना होने पर शहद मिलाएं और पिएं।

कब और कितना पीना चाहिए?

  • सुबह खाली पेट या रात में सोने से पहले 1 कप पी सकते हैं।
  • ज्यादा मात्रा में न लें, दिन में 1-2 बार ही पीना पर्याप्त है।

ध्यान दें
गर्भवती महिलाएं और कोई विशेष दवा लेने वाले लोग इसे पीने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।
अत्यधिक मात्रा में सेवन करने से पेट में जलन या दस्त की समस्या हो सकती है।

निष्कर्ष
पिप्पली और गिलोय का काढ़ा प्राकृतिक रूप से इम्यूनिटी को मजबूत करता है, सर्दी-खांसी, बुखार और जोड़ों के दर्द में राहत देता है। इसे नियमित रूप से लेने से स्वास्थ्य को कई लाभ मिल सकते हैं।

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