किच्छा-सिरौलीकलां निकाय चुनाव में बड़ा अपडेट, हाईकोर्ट ने मतगणना पर लगी रोक हटाई

खबर शेयर करें

समाचार सच, नैनीताल।
ऊधमसिंह नगर जिले की किच्छा और सिरौलीकलां नगर पालिका चुनाव को लेकर चल रहे कानूनी विवाद में गुरुवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। उत्तराखंड हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ ने दोनों नगर पालिकाओं के चुनाव की मतगणना स्थगित करने संबंधी राज्य निर्वाचन आयोग की संशोधित अधिसूचना पर रोक लगा दी है। कोर्ट के आदेश के बाद अब दोनों निकायों में मतगणना का रास्ता साफ हो गया है।

दरअसल, किच्छा और सिरौलीकलां नगर पालिका के लिए 22 सितंबर को मतदान कराया गया था। निर्वाचन आयोग के मूल कार्यक्रम में 24 सितंबर को मतगणना प्रस्तावित थी, लेकिन मतदान के बाद आयोग ने संशोधित अधिसूचना जारी कर मतगणना को अग्रिम आदेश तक स्थगित कर दिया था। इसी फैसले को किच्छा निवासी अलीना मलिक ने हाईकोर्ट की खंडपीठ के समक्ष चुनौती दी थी।

कोर्ट ने उठाया सवाल
सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने इस बात पर सवाल उठाया कि जब दोनों नगर पालिकाओं में मतदान की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, तो मतगणना को रोकने की जरूरत क्यों पड़ी। कोर्ट ने संशोधित अधिसूचना पर रोक लगाते हुए मतगणना की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का रास्ता खोल दिया। साथ ही राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को मामले में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं।

यह भी पढ़ें -   उत्तराखंड में गहराया बिजली संकट, मांग के मुकाबले कम पड़ रही आपूर्ति; कटौती बनी मजबूरी

अब राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से मतगणना के संबंध में नई अधिसूचना जारी किए जाने की उम्मीद है। हालांकि, मतगणना की अगली तारीख आयोग की ओर से घोषित की जानी बाकी है।

पहले एकलपीठ में हुई थी सुनवाई
इस मामले की सुनवाई इससे पहले हाईकोर्ट की एकलपीठ में भी हुई थी। राज्य निर्वाचन आयोग ने अदालत को बताया था कि किच्छा और सिरौलीकलां में 22 सितंबर को मतदान कराया जाएगा, जबकि मतदान के बाद मतगणना को अग्रिम आदेश तक स्थगित रखा गया है। इसके बाद मामले की अगली सुनवाई के लिए 5 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की गई थी।

लंबे समय से चल रहा है निकायों की स्थिति को लेकर विवाद
किच्छा और सिरौलीकलां नगर पालिका चुनाव का मामला लंबे समय से न्यायिक विवादों में रहा है। किच्छा निवासी नईम उल शान, मोहम्मद रफीक और अन्य याचिकाकर्ताओं ने सरकार की ओर से किए गए परिसीमन, आरक्षण और सिरौलीकलां को अलग नगर पालिका बनाए जाने से जुड़े फैसलों को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।

यह भी पढ़ें -   आज का राशिफल | 24 सितम्बर 2026, गुरुवार प्रदोष व्रत आज, धन-रोजगार और पारिवारिक जीवन में बनेंगे नए योग; जानिए पंचांग और सभी 12 राशियों का भविष्यफल

याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत में तर्क दिया गया था कि सिरौलीकलां पहले किच्छा नगर पालिका क्षेत्र का हिस्सा था और बाद में इसे अलग नगर पालिका के रूप में अधिसूचित किया गया। इसी आधार पर अलग निकाय के रूप में चुनाव कराने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए गए।

22 सितंबर को हुआ था मतदान
किच्छा और सिरौलीकलां में 22 सितंबर को मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ था। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार किच्छा नगर पालिका में 70.95 प्रतिशत जबकि पहली बार नगर पालिका के रूप में चुनाव लड़ रहे सिरौलीकलां में 83.87 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।

अब हाईकोर्ट के ताजा आदेश के बाद दोनों नगर पालिकाओं के प्रत्याशियों और समर्थकों की नजर राज्य निर्वाचन आयोग की अगली अधिसूचना पर है। मतगणना की तारीख घोषित होने के बाद चुनाव परिणाम को लेकर तस्वीर साफ हो जाएगी।

ADVERTISEMENTSAd Ad Ad

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें

👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें

हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440