Dr. Acharya Sushant Raj will not have any effect of solar eclipse on India समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। (देहरादून)। डॉ0 आचार्य सुशांत राज ने जानकारी देते हुये बताया की वर्तमान संवत्सर में तीन सूर्यग्रहण और एक चंद्रग्रहण सहित चार ग्रहण…


Dr. Acharya Sushant Raj will not have any effect of solar eclipse on India समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। (देहरादून)। डॉ0 आचार्य सुशांत राज ने जानकारी देते हुये बताया की वर्तमान संवत्सर में तीन सूर्यग्रहण और एक चंद्रग्रहण सहित चार ग्रहण…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। हनुमानजी को जो भी प्रसाद चढ़ाया जाता है उन सभी का अलग अलग महत्व और फल है। उन्हें इमरती, नारियल, बेसन के लड्डू, रोठ, हलुआ, पान का बीड़ा आदि। इसी के साथ उन्हें मुख्य तौर पर…

श्रीसंवत २०८० श्रीशाके १९४५ श्रीसूर्य उत्तरायण बसन्त ऋतु मीनार्क २७ गते चौत्र मास चान्द्रमास से वैशाख कृष्ण पक्ष चतुर्थी तिथि सोमवार सूर्याेदय ५/५७ बजे सूर्यास्त ६/३३ बजे राहु काल ७/३० बजे से ९ बजे तक अभिजीत मुहूर्त दिन में १२…

सम्पूर्ण प्रान्त में किये जायेंगे जनपद सह अधिकाधिक संस्कृत सम्भाषण शिविर आयोजित समाचार सच, हल्द्वानी। संस्कृतभारती उत्तरांचल की द्विदिवसीय प्रान्तसमीक्षा योजना गोष्ठी का समापन अष्टादशभुजा महालक्ष्मी मंदिर बेरीपडाव, हल्द्वानी, नैनीताल में हुआ। इस अवसर पर दिल्ली से आए अखिल भारतीय…

Before offering water to Shivling put this miraculous thing in a glass of water समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। कहते हैं कि भोलेनाथ इतने भोले हैं कि एक लोटा जल चढ़ाने से प्रसन्न हो जाते हैं। हर हर महादेव जपने से…

श्रीसंवत २०८० श्रीशाके १९४५ श्रीसूर्य उत्तरायण बसन्त ऋतु मीनार्क चैत्र मास चान्द्रमास से वैशाख कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि रविवार सूर्याेदय ५/५८ बजे सूर्यास्त ६/३२ बजे राहु काल ४/३० बजे ६ बजे तक अभिजीत मुहूर्त दिन में १२ बजे से १२/४८…

समाचार सच, हल्द्वानी। पुर्ननवा महिला समिति द्वारा चल रही पर्वतीय सांस्कृतिक उत्थान मंच हीरानगर हल्द्वानी में महिलाओं की रामलीला रोमांचकारी दौर में पहुंच गयी है। आज सप्तम दिन रामलीला में लंका दहन का मंचन किया। जिसे देख दर्शक अभिभूत हो…

समाचार सच, हल्द्वानी। यहां अम्बेडकर नगर स्थित सिद्धेश्वर श्री बालाजी मंदिर में श्री बालाजी जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर शक्ति दरबार के साथ भण्डारे का आयोजन किया गया। (क्रमशः नीचे पढ़िए) इस दौरान मंदिर परिसर…

Worship Peepal only after sunrise, so that Mahalakshmi will always be happy with you. समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। सनातन धर्म में पीपल वृक्ष को देवतुल्य माना गया है। तभी तो इसके पूजन का विधान शास्त्रों में भी बताया गया है।…