मुख्यमंत्री धामी ने कहा- सरकार की प्राथमिकता सभी को सुरक्षित बाहर निकालना, फंसे लोगों के परिजनों को दिया मदद का भरोसा

खबर शेयर करें

समाचार सच, देहरादून। उत्तरकाशी के सिलक्यारा के पास सुरंग से हुए भू-धंसाव की घटना का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्थलीय निरीक्षण किया। इसके बाद राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा भी की. घटना स्थल का निरीक्षण करने के बाद देहरादून पहुंचे सीएम धामी ने कहा कि उत्तरकाशी में निर्माणाधीन पुल का निर्माण 4 किलोमीटर तक हो चुका है। लेकिन भूस्खलन होने के चलते सिलक्यारा टनल का रास्ता बंद हो गया है। जिसमें करीब 40 श्रमिक फंसे हुए हैं, जिन्हें निकालने की कोशिश जारी है।

सीएम धामी ने कहा कि बचाव का कार्य तेजी से चल रहा है. साथ ही ऑक्सीजन, पानी, खाद्य सामग्री भी भेजी जा रही है। दरअसल, टनल में काम कर रहे मजदूरों को सुरक्षित निकालना शासन-प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौंती बनी हुई है। जिसके चलते मजदूरों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राहत बचाव का कार्य मैनुअल किया जा रहा है। सीएम धामी ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने भी बचाव के लिए हर संभव मदद का भरोसा जताया है। इसके साथ ही केंद्र सरकार की टीम भी घटनास्थल पर मौजूद है। राज्य और केंद्र की सरकार गंभीर है। घटनास्थल पर पहुंचे सीएम ने टनल में फंसे मजदूरों के परिजनों से भी मुलाकात की हैं और उनको पूरी मदद का आश्वासन भी दिया है।

सीएम ने कहा कि टनल के अंदर फंसे हुए लोगों से लगातार बातचीत हो रही है। जहां लोग फंसे हुए हैं, वहां करीब 200 मीटर का रास्ता है। साथ ही बिजली की सुविधा भी मौजूद है. हालांकि, फिलहाल फंसे हुए लोग पूरी तरह से सुरक्षित हैं। सीएम ने कहा कि रेस्क्यू का कार्य बहुत महत्वपूर्ण है। यही वजह है कि अधिकारियों की छुट्टियों को रद्द कर दिया गया है। ऐसे में सरकार की प्राथमिकता है कि सभी को सुरक्षित बाहर निकाला जाए। सीएम ने कहा कि लोगों को निकलने के लिए तीन प्लान पर काम किया जा रहा है. मौके पर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, रेलवे और विशेषज्ञों की टीम मौजूद है।

यह भी पढ़ें -   उत्तराखंड में आज फिर बारिश का अलर्ट, 6 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, सड़कें बंद होने से बढ़ी मुश्किलें

इसके अलावा, सिलक्यारा टनल में फंसे श्रमिकों को निकालने के लिए मलबा हटाने का कार्य निरंतर जारी है. टनल में फंसे मजदूरों से संपर्क किया गया है। टनल में पानी पहुंचने के लिए बिछी पाइपलाइन के जरिए ऑक्सीजन भी भेजी जा रही है। इसी पाइपलाइन के जरिए रात में चने के पैकेट कंप्रेसर के जरिए दबाव बनाकर टनल में फंसे श्रमिकों तक भेजे गए हैं। पूरी रात बचाव कार्य चला है और अभी भी चल रहा है.

ADVERTISEMENTS
यह भी पढ़ें -   नैनीताल जिले में बारिश का रेड अलर्ट! 14 अगस्त को स्कूल-कॉलेज बंद, आंगनबाड़ी केंद्र भी रहेंगे बंद
Ad

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें

👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें

हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440