समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। इसका वानस्पतिक नाम अज़दिरचता इंडिका है। नीम एक औषधीय पौधा है नीम में अनेक गुण होते है। नीम कड़वा होता है लेकिन इसके औषधीय गुण बहुत मीठे होते है। आयुर्वेद में इसे ‘सर्वरोग निवारिणी’ भी कहा जाता है, जिसका अर्थ होता है सभी तरह के रोगों का निवारण करने वाला, आयुर्वेद में ‘नीम’को बेमिसाल औषधि माना गया है, क्योंकि नीम से हर तरह के रोगों का इलाज संभव है। नीम की पत्तियां हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद हैं। यह शरीर में सूजन को कम करने में मदद करती हैं, लिवर और हृदय को स्वस्थ्य रखती हैं और इम्घ्यून सिस्टम को मजबूत बनाती हैं। यह हर्बल, ऑर्गेनिक पेस्टीसाइड, साबुन, एंटीसेप्टिक क्रीम, दातुन,फेस वॉश, मधुमेह नाशक चूर्ण, कॉस्मेटिक इत्यादि के रूप में प्रयोग होता है।
- नीम की छाल में ऐसे गुण होते है,जो दांतों और मसूड़ों में लगने वाले किसी भी तरह के जीवाणुओं को उत्पन्न नहीं होने देता है व हमारे दांत स्वस्थ रहते है, इसलिए नीम का दातुन काफी अच्छा होता है यह कैंसर कोशिकाओं को भी नष्ट करता है मधुमेह के रोगियों के लिए भी हर दिन नीम की चार से पांच पत्तियां खाने से बहुत लाभ होता है क्योंकि यह इंसुलिन पैदा करने की प्रक्रिया में वृद्धि करता हैं।
- नीम किसी भी प्रकार की एलर्जी को दूर करने में मदद करता है इसमें न सिर्फ हेल्थ से सम्बंधित गुण पाए जाते है बल्कि यह सौन्दर्य के गुणों से भी भरपूर है यह एलर्जी जैसे खाने कि वस्तुओं से होने वाली तथा दूसरी और वस्तुओं से होने वाली एलर्जी को खत्म करने में सहायक होता है नीम के तेल से मालिश करने से विभिन्न प्रकार के चर्म रोग ठीक हो जाते है नीम का तेल मच्छर भगाने में सहायक है इस तरह से डेंगू तथा मलेरिया रोगों से बचाव किया जा सकता है इसलिए आस पास के गंदे व रुके हुए पानी में नीम का थोड़ा सा तेल डालने पर मच्छरों को फैलने से रोका जा सकता है।
- नीम व मिट्टी के तेल को मिलाकर लैंप में जलाने से मचछरो से छुटकारा मिल सकता है या फिर नीम का तेल, नारियल तेल के साथ मिलाकर लगाने से मच्छरों से पूर्ण रूप से सुरक्षा मिल सकती है सूती व ऊनी वस्त्रों को नीम के पत्तो से सुरक्षित रखा जा सकता है।
- नीम पथरी में भी लाभदायक होता है तथा चेहरे की चमक भी बढ़ती है। अनाज के साथ सुखी नीम की पत्तियां रखने से अनाज को घुन से बचाया जा सकता है।
- सूती व ऊनी वस्त्रों को नीम के पत्तो से सुरक्षित रखा जा सकता है।
- गर्मियों में लू लग जाने पर नीम के बारीक फल, फूल, पत्तियां, छाल, जड़ चूर्ण को पानी में मिलाकर पीने से लू ठीक हो जाती है।
- गठिया का सुजन, फोड़ा, फुंसी, तथा घाव में नीम के तेल से मालिश करने से फायदा होता है। नीम के फूल तथा फल खाने से पेट के रोग भी नहीं होते है नीम की पत्तियों का रस पीने से खून साफ रहता है।
- नीम पथरी में भी लाभदायक होता है तथा चेहरे की चमक भी बढ़ती है।
- अनाज के साथ सुखी नीम की पत्तियां रखने से अनाज को घुन से बचाया जा सकता है।
- नीम एक महत्वपूर्ण औषधी के साथ साथ पर्यावरण को स्वच्छ रखने वाला पौधा है इसलिए प्रत्येक इंसान को एक नीम का पेड़ अवश्य लगाना चाहिए ताकि हम आने वाले कल को स्वस्थ और प्रदूषण मुक्त बना सके।


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