परियोजना प्रस्तावों की त्वरित मंजूरी में मदद के लिए समितियों का गठन

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समाचार सच, देहरादून। उत्तराखंड सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस क्षेत्र में आने वाले निवेश प्रस्तावों की त्वरित स्वीकृति के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस को प्रोत्साहन दे रही है। सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम पोर्टल निवेशकों के लिए केन्द्र सरकार द्वारा बनाया गया एकल विंडो सुविधा तंत्र है। जो पोर्टल पर उपलब्ध है। प्रदेश की नई पर्यटन नीति के तहत पूंजी निवेश से संबंधित ऐसे प्रस्तावों को शीघ्रता से मंजूरी दिलाने के लिए उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड (यूटीडीबी) के मुख्य कार्यकारी की अध्यक्षता में गठित सूक्ष्म परीक्षण समिति का भी गठन किया गया है। साल 2018 में घोषित उत्तराखंड की पर्यटन नीति के दिशानिर्देशों के अनुरूप यह समिति निवेश प्रस्तावों पर निर्णय लेने में प्रदेश के मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली उच्चाधिकार प्राप्त समिति की मदद करेगी। प्रदेश सरकार की पर्यटन नीति में इस क्षेत्र में उद्यमियों के लिए नए अवसरों के सृजन और पर्यटन व्यवसाय के लिए निवेशकों की सुगमता सुनिश्चित करने के लिए सिंगल विंडो क्लीरेंस की सुविधा का प्रावधान किया गया था। कोविड महामारी की वजह से धीमे पड़ रही निवेश रफ्तार को तेज करने के उद्देश्य से अब प्रस्तावों के सिंगल विंडो क्लीयरेंस पर जोर दिया जा रहा है। सूक्ष्म परीक्षण समिति निवेश प्रस्तावों में परियोजनाओं की पात्रता, सैद्धांतिक स्वीकृति और प्रोत्साहन भुगतानों का यूटीडीबी के स्तर पर सत्यापन करेगी। यह समिति अपनी अनुशंसा और सुझाव उच्चाधिकार प्राप्त समिति को देगी ताकि निवेश प्रस्तावों पर निश्चित समयावधि में निर्णय लिया जा सके। इसके अतिरिक्त जिला स्तर पर निवेश प्रस्तावों से संबंधित परियोजनाओं के भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया को तेज करने के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक जिला स्तरीय समिति का भी गठन किया गया है। यह समिति पर्यटन इकाइयों के परियोजना कार्यों की निगरानी भी करेगी। समिति स्थानीय स्तर पर पर्यटन से जुड़े हितधारकों मसलन स्थानीय समुदाय के प्रतिनिधि, पर्यटन व्यवसायी और सरकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों से फीडबैक व सुझाव प्राप्त करने का काम भी करेगी। समिति अपनी सभी रिपोर्ट यूटीडीबी को भेजेगी।
यूटीडीबी ने साल 2018 में पर्यटन नीति की घोषणा की थी जिसका उद्देश्य उत्तराखंड को पर्यटन की दृष्टि से सुरक्षित और पर्यटक मित्र गंतव्य के रूप में विकसित करने, नये पर्यटक स्थलों का निर्माण, पर्यटक गन्तव्यों पर आवश्यक मूलभूत सुविधायें सुनिश्चित करने, आरोग्य हब तथा चिकित्सा पर्यटन आधारित पैकेज को बढ़ावा देने, राज्य को शीतकालीन पर्यटन और अल्पाइन टूरिज्म के गन्तव्य के रूप में प्रोत्साहित करने और संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देना है। प्रदेश में पर्यटन के क्षेत्र में पूंजी निवेश के नए प्रस्तावों को भी आकर्षित करना पर्यटन नीति का उद्देश्य है।‘‘
पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने कहा, ‘‘प्रदेश सरकार का मिशन और विजन उत्तराखंड को विश्व के पर्यटन मानचित्र पर अग्रणी पर्यटन स्थलों में से एक के रूप में स्थान दिलाना है। साथ ही सरकार राज्य के पर्यटन संबंधी संसाधनों को पर्यावरण और सामाजिक रूप से जिम्मेदार तरीके से विकसित करना चाहती है। सरकार का उद्देश्य पर्यटन को रोजगार और आय/राजस्व सृजन के प्रमुख स्रोत के रूप में विकसित करना भी है। इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए सरकार निवेश को प्रोत्साहन देने की नीति पर काम कर रही है।”

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