आर्डन प्रोग्रेसिव स्कूल में गूंजी कुमाऊँनी बोली, मातृभाषा संरक्षण का दिया सशक्त संदेश

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समाचार सच, हल्द्वानी। आर्डन प्रोग्रेसिव स्कूल, लामाचौड़ में विद्यार्थियों के बीच अपनी मातृभाषा के प्रति प्रेम और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने के उद्देश्य से कुमाऊँनी भाषण एवं स्वरचित कविता प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। समाज सेविका एवं सौहार्द जन सेवा समिति की अध्यक्ष श्रीमती विद्या महतोलिया के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।

प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने कुमाऊँनी भाषा में पर्यावरण संरक्षण, नशा मुक्ति, महिला सशक्तिकरण, देशभक्ति और मातृभाषा के महत्व जैसे समसामयिक विषयों पर प्रभावशाली भाषण एवं स्वरचित कविताएँ प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रतिभागियों के आत्मविश्वास, भाषा पर पकड़ और प्रस्तुति शैली की अतिथियों एवं निर्णायकों ने जमकर सराहना की।

कार्यक्रम में विद्यालय के ट्रस्टी भुवन चंद्र उपाध्याय, प्रधानाचार्य वीरेंद्र सिंह, सौहार्द जन सेवा समिति की संरक्षक श्रीमती नीरजा बोरा, उपाध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा पांडे, मीडिया प्रभारी मोहन जोशी, सदस्य श्रीमती पुनीता पांडे एवं श्रीमती गीता लोशाली सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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प्रतियोगिता का मूल्यांकन वरिष्ठ साहित्यकार गोविन्द बल्लभ बहुगुणा एवं सुप्रसिद्ध लोकगायिका सुश्री लता कुंजवाल ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों की भाषा दक्षता, रचनात्मकता और मंच संचालन कौशल की प्रशंसा करते हुए कहा कि नई पीढ़ी में मातृभाषा के प्रति बढ़ता लगाव उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के लिए शुभ संकेत है।

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विद्यालय के शैक्षणिक सलाहकार डॉ. बी.एस. भाकुनी ने अपने संबोधन में कहा कि मातृभाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपराओं और पहचान की आत्मा है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में अपनी जड़ों से जुड़ाव और सांस्कृतिक गौरव की भावना को मजबूत करते हैं।

कार्यक्रम के समापन पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया, जबकि सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर उनके उत्साहवर्धन किया गया। आयोजन ने विद्यालय परिसर में कुमाऊँनी भाषा और लोकसंस्कृति के प्रति नई ऊर्जा और जागरूकता का संदेश दिया।

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