उत्तराखंड में बदली मदरसों की तस्वीर, 452 में से 179 बंद; मान्यता की प्रक्रिया जारी

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समाचार सच, देहरादून। उत्तराखंड में मदरसों की मान्यता और संचालन को लेकर नई व्यवस्था लागू होने के बाद प्रदेश में इन संस्थानों की स्थिति से जुड़े नए आंकड़े सामने आए हैं। उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार, पहले पंजीकृत 452 मदरसों में से 179 अब संचालित नहीं हो रहे हैं, जबकि 19 मदरसों को नियमों का पालन न करने पर सील किया गया है। वहीं, शिक्षा विभाग से अब तक 30 मदरसों को मान्यता मिली है।

प्रदेश में अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों की मान्यता के लिए 3 फरवरी 2026 को उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया गया था। इसके साथ ही मदरसों की मान्यता को लेकर प्रक्रिया में बदलाव आया और शिक्षा विभाग के स्तर पर भी संस्थानों के दस्तावेजों व निर्धारित मानकों की जांच की जा रही है।

नए रिकॉर्ड के मुताबिक, नई व्यवस्था से पहले प्रदेश में कुल 452 मदरसे पंजीकृत थे। इनमें से 179 मदरसे वर्तमान में बंद बताए गए हैं। यह संख्या कुल पंजीकृत मदरसों की करीब 39.6 फीसदी है। इसके अलावा 19 मदरसों को नियमों के अनुरूप संचालन न करने के चलते सील किया गया है।

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शिक्षा विभाग के स्तर से अभी तक 30 मदरसों को मान्यता प्रदान की गई है। 452 के पुराने आंकड़े के मुकाबले यह संख्या करीब 6.6 फीसदी है। हालांकि, बड़ी संख्या में मदरसे अभी मान्यता प्रक्रिया में हैं।

रिकॉर्ड के अनुसार, 134 मदरसों ने शिक्षा विभाग में मान्यता के लिए आवेदन किया है, जबकि 54 मदरसों ने अभी तक मान्यता के लिए आवेदन नहीं किया है। ऐसे में मदरसों की मौजूदा स्थिति में बंद संस्थानों के साथ-साथ मान्यता के लिए आवेदन करने वाले और आवेदन नहीं करने वाले संस्थान भी शामिल हैं।

उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के स्तर पर भी मान्यता देने की प्रक्रिया जारी है। अब तक प्राधिकरण से 35 अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को मान्यता दी गई है। इनमें 33 मदरसे और दो अन्य अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान शामिल हैं।

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यह मान्यता शिक्षा विभाग की ओर से प्रदान की गई 30 मदरसों की मान्यता से अलग प्रक्रिया के तहत दी गई है।

अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के विशेष सचिव पराग मधुकर धकाते के अनुसार, मान्यता के लिए प्राप्त आवेदनों पर प्रक्रिया लगातार जारी है। विभाग की ओर से निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले संस्थानों को नियमानुसार मान्यता देने की कार्रवाई की जा रही है।

मदरसों से जुड़े इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि नई मान्यता व्यवस्था के बीच प्रदेश में पहले से पंजीकृत संस्थानों की संख्या और स्थिति में बदलाव आया है। अब 134 आवेदन करने वाले मदरसों की जांच और निर्धारित मानकों को पूरा करने के बाद मिलने वाली मान्यता पर आगे की तस्वीर निर्भर करेगी।

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