नैनीताल जिले की लालकुंआ से अभी तक नहीं जीती है कांग्रेस

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धीरज भट्ट (स्वतंत्र पत्रकार)
समाचार सच, लालकुंआ/ हल्द्वानी। नैनीताल जिले की लालकुंआ में कांग्रेस अभी तक चुनाव नहीं जीत पायी है। परिसीमन के बाद 2012 में अस्तित्व में आयी लालकुंआ सीट निर्दलीय हरीश चन्द दुर्गापाल के खाते में गयी थी। वहीं भाजपा दूसरे और कांग्रेस तीसरे स्थान पर आयी थी। वहीं 2017 के विधानसभा चुनावों में भाजपा के नवीन चन्द्र दुम्का ने यहां से जीत हासिल की थी। वहीं कांग्रेस दूसरे तथा निर्दलीय हरेन्द्र बोरा तीसरे स्थान पर रहे थे।

विदित हो कि लालकुंआ विधानसभा पूर्व में धारी विधानसभा सीट में शामिल थी। 2002 में धारी से कांग्रेस के हरीश दुर्गापाल विजयी हासिल हुए थे। वहीं 2007 में यहां से भाजपा के गोविन्द सिंह बिष्ट विजयी हुए थे। परिसीमन के बाद यह क्षेत्र लालकुंआ सीट के नाम से अस्तित्व में आयी। 2012 में सीट अस्तित्व में आने के बाद लालकुंआ सीट से कांग्रेस ने यहां से हरेन्द्र बोरा पर विश्वास जताया। भााजपा ने नवीन दुम्का को यहां से मैदान में उतारा। वहीं कांग्रेस से टिकट न मिलने पर निर्दलीय मैदान में उतरे हरीश चन्द्र दुर्गापाल ने विजयश्री हासिल की। उन्होंने भाजपा के नवीन दुम्का को पटकनी दी। कांग्रेस के उम्मीदवार हरेन्द्र बोरा तीसरे स्थान पर रहे। 2017 के विधानसभा चुनावों में यहां से बाजी भारतीय जनता पार्टी ने मारी। उन्होंने कांग्रेस के उम्मीदवार हरीश चन्द्र दुर्गापाल को हराया। कांग्रेस के उम्मीदवार हरेन्द्र बोरा को तीसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा।

हरदा के समक्ष पंजे को जीत दिलाने की चुनौती
हल्द्वानी।
कांग्रेस के दिग्गज नेता हरीश रावत के समक्ष कांग्रेस के समक्ष हार की चुनौती को तोड़ना है।
पूर्व में हुए उपचुनाव में यहां से निर्दलीय और भाजपा के पक्ष में यह सीट बारी-बारी से जा चुुकी है।

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