लोहे के बर्तन में पका रहे हैं खाना, तो हमेशा याद रखें ये बातें

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समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। आयरन कुकवेयर हर भारतीय रसोई का हिस्सा है। वहीं सेहत के लिहाज से भी लोहे के बर्तन में खाना पकाना अच्छा माना जाता है। लोहे के बर्तन में पका भोजन सिर्फ स्वादिष्ट व पोष्टिक होती है बल्कि इससे शरीर में खून की कमी भी दूर होती है। हालांकि लोहे के बर्तन में खाना पकाने के भी कुछ नियम है। चलिए आपको बताते हैं लोहे के बर्तन में भोजन पकाने के टिप्स


ना डालें नींबू या खट्टी चीजें
लोहे के बर्तन में पकाते समय कभी भी नींबू का रस, खटाई, कढ़ी, रसम, सांभर, टमाटर, साइट्रिक या अम्लीय चीजें न डालें क्योंकि ये आयरन के साथ रिएक्ट करेगी और खाना एसिडिक हो जाएगा। वहीं, इससे भोजन में में मेटालिक टेस्ट भी आ जाएगा।


नहीं छोड़ना चाहिए खाना
लोहे के बर्तन में भोजन पकाने के बाद उसे तुरंत एक बाउल में निकाल लें। यह भोजन को काला होने से रोकने में मदद करता है। इसके अलावा लोहे के बर्तनों में दूध, डेयरी प्रोडक्ट्स, मछली, डेजर्ट जैसी चीजें भी नहीं बनानी चाहिए।


मसाला आयरन तवा
शेफ ने कहा, “लोहे के तवे को सीजन करना बहुत जरूरी है क्योंकि बैटर बिना भोजन तवे पर चिपक जाएगा।” ऐसे में लोहे के तवे पर डोसा या चीला बनाते समय उसे सीजन कर दें यानि उसपर थोड़ा-सा तेल डाल दें। हालांकि सीजन करने का भी अलग तरीका होता है

  • एक प्याज को आधा तेल में डुबोकर तवे पर लगाएं और इसे गर्म होने दें।
  • प्याज की जगह मलमल के कपड़े का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। लोहे के तवे पर मलमल के कपड़े से तेल लगाएं और गर्म होने दें। ऐसा करने से खाना उसपर चिपकेगा नहीं।
    क्या फायदेमंद लोहे के बर्तन?
    दरअसल, लोहे के बर्तनों में भोजन धातु की सतह के साथ प्रतिक्रिया करता है। इसमें से ऐसे तत्व निकलते हैं, जो भोजन के साथ मिलकर एनीमिया जैसी बीमारियों से बचाते हैं। वहीं, लोहे के बर्तन सभी तरफ से समान रूप से गर्म होते हैं इसलिए इसमें पका खाना सेहत के लिए फायदेमंद होता है।
    एनीमिया की समस्या होगी दूर
    जब आप लोहे के बर्तन में खाना बनाती हैं तो इसके अंश भोजन में मिलकर शरीर में पहुंचते हैं जो रक्त में हीमोग्लोबिन की मात्रा को बढ़ाते हैं।इससे एनीमिया (खून की कमी) जैसी समस्याओं से बचाव व उपचार होता है।
    लोहे के बर्तन में खाना पकाने से मिलेंगे कई फायदे
    -इसमें बना खाना खाने से शरीर में होने वाले हर तरह के दर्द से छुटकारा मिलता है।
    -इससे शारीरिक कमजोरी वह थकान की समस्या भी दूर हो जाती है।
    -अगर आपको जोड़ों या घुटनों में दर्द की समस्या रहती है तो वो भी इससे दूर हो जाएगी।
    -मासिक धर्म से जुड़ी दिक्कतों भी दूर होती है।
    -इससे पेट से जुड़ी दिक्कतें जैसे गैस्ट्रिक की परेशानी भी दूर हो जाती है।
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