सोमवती अमावस्या 2026: मछलियों, चीटियों और पितरों के लिए आटे का ये उपाय करें, मिलेगी सुख-शांति

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समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। 15 जून को सोमवती अमावस्या है। धर्म और ज्योतिष में इस दिन का खास महत्व माना जाता है। अमावस्या तिथि पितरों को समर्पित मानी जाती है, वहीं सोमवार भगवान शिव का दिन होता है। यही वजह है कि इस दिन लोग पूजा-पाठ, दान और कई तरह के उपाय करते हैं। लोक मान्यताओं में आटे से जुड़े कुछ उपाय भी बताए गए हैं। माना जाता है कि इन्हें श्रद्धा के साथ करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है और आर्थिक परेशानियां कम हो सकती हैं।

मछलियों को खिलाएं आटे की गोलियां
सोमवती अमावस्या की सुबह गेहूं के आटे की छोटी-छोटी गोलियां बनाकर मछलियों को खिलाने की परंपरा है। कई लोग मानते हैं कि इससे मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और धन से जुड़ी परेशानियां धीरे-धीरे कम हो सकती हैं। अगर आपके आसपास नदी, तालाब या ऐसा कोई स्थान है जहां मछलियां हों, तो वहां जाकर यह उपाय किया जा सकता है।

चींटियों को आटा और चीनी खिलाने की मान्यता
इस दिन आटे में थोड़ी सी चीनी या बूरा मिलाकर चींटियों को खिलाना भी शुभ माना जाता है। लोग इसे किसी पेड़ की जड़ या चींटियों के बिल के पास डालते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसा करने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और जीवन में आ रही कुछ रुकावटें दूर हो सकती हैं। यही वजह है कि कई लोग इस उपाय को नियमित रूप से भी करते हैं।

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आटे का दीपक जलाने की परंपरा
सोमवती अमावस्या की शाम को आटे का चौमुखी दीपक बनाकर उसमें सरसों का तेल डालकर जलाया जाता है। मान्यता है कि यह उपाय पितरों की शांति और घर की सुख-समृद्धि के लिए किया जाता है। कई लोग इस दीपक को मुख्य दरवाजे के पास या दक्षिण दिशा की ओर रखकर जलाते हैं। माना जाता है कि इससे घर में सकारात्मक माहौल बना रहता है।

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पितरों की शांति के लिए भी किया जाता है उपाय
अमावस्या का संबंध पितरों से भी जोड़ा जाता है। ऐसे में कुछ लोग आटे के पिंड बनाकर गाय को खिलाते हैं या जल में प्रवाहित करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इससे पितरों का आशीर्वाद मिलता है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। यही कारण है कि अमावस्या के दिन तर्पण और पितरों को याद करने की परंपरा आज भी निभाई जाती है।

पीपल पूजा और दान का भी है महत्व
सोमवती अमावस्या पर पीपल के पेड़ की पूजा भी की जाती है। श्रद्धालु पीपल पर जल चढ़ाते हैं और उसकी परिक्रमा करते हैं। इसके अलावा भगवान शिव का अभिषेक करने की भी परंपरा है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन आटा, चावल, तिल, फल या जरूरत की दूसरी चीजों का दान करना शुभ माना जाता है। दान-पुण्य के काम को इस दिन विशेष फल देने वाला बताया गया है।

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