समाचार सच, देहरादून।
उत्तराखंड में मानसून की विदाई से पहले मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में अगले दो से तीन दिनों तक तेज बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने कई जिलों में भारी से तेज बारिश की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार देहरादून, हरिद्वार, चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर, चंपावत और नैनीताल जिलों में अगले दो दिनों के दौरान कई स्थानों पर तेज बारिश होने की संभावना है। बारिश को देखते हुए पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़क अवरुद्ध होने और नदियों व बरसाती नालों का जलस्तर बढ़ने का खतरा बना रह सकता है।
राज्य में सामान्य से 5 फीसदी अधिक बारिश
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 14 सितंबर तक उत्तराखंड में कुल 1146.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 1096.5 मिलीमीटर होनी चाहिए थी। इस प्रकार राज्य में अब तक सामान्य से करीब 5 फीसदी अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है।
हालांकि, जिलेवार बारिश के आंकड़े काफी अलग तस्वीर पेश कर रहे हैं। कहीं सामान्य से कहीं अधिक बारिश हुई है तो कुछ जिलों में बारिश सामान्य से काफी कम रही है।
बागेश्वर में रिकॉर्ड बारिश, पौड़ी में सबसे बड़ी कमी
बारिश के आंकड़ों में सबसे चौंकाने वाली स्थिति बागेश्वर जिले की है। यहां अब तक 1962.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य 738.2 मिलीमीटर के मुकाबले करीब 166 फीसदी अधिक है।
वहीं चमोली में बारिश सामान्य से 70 फीसदी अधिक, टिहरी में 31 फीसदी अधिक, अल्मोड़ा में 29 फीसदी अधिक और हरिद्वार में सामान्य से 15 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई है।
इसके उलट पौड़ी जिले में सामान्य से 44 फीसदी कम बारिश हुई है। चंपावत में 25 फीसदी, नैनीताल में 19 फीसदी, उत्तरकाशी में 13 फीसदी और रुद्रप्रयाग में 8 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है।
पिछले 24 घंटे में भी कई जिलों में हुई बारिश
14 सितंबर की सुबह 8:30 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटे के दौरान बागेश्वर में 25.8 मिलीमीटर, देहरादून में 22.7 मिलीमीटर, अल्मोड़ा में 20.4 मिलीमीटर, पिथौरागढ़ में 14.2 मिलीमीटर और रुद्रप्रयाग में 13 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
इसके अलावा पौड़ी में 9.7 मिलीमीटर, हरिद्वार में 7.3 मिलीमीटर, टिहरी में 6.5 मिलीमीटर, चमोली और नैनीताल में 4.9 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। चंपावत में 0.9 मिलीमीटर और उत्तरकाशी में 1.9 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि उधमसिंह नगर में बारिश नहीं दर्ज की गई।
प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान औसत बारिश 9.1 मिलीमीटर रही, जबकि सामान्य औसत 6.3 मिलीमीटर है। यानी राज्य स्तर पर पिछले 24 घंटे में सामान्य से करीब 45 फीसदी अधिक बारिश हुई है।
पहाड़ों में बढ़ सकती हैं मुश्किलें
अगले दो से तीन दिनों तक तेज बारिश की चेतावनी को देखते हुए पर्वतीय जिलों में विशेष सतर्कता की जरूरत है। पहले से कमजोर सड़कें, भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र और बरसाती नाले तेज बारिश के दौरान लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं।
चारधाम यात्रा के दूसरे चरण को देखते हुए केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री जाने वाले यात्रियों के लिए भी मौसम की स्थिति महत्वपूर्ण रहेगी। तेज बारिश की स्थिति में सड़क मार्गों पर भूस्खलन और यातायात बाधित होने की संभावना बनी रह सकती है।
मौसम विभाग ने लोगों और यात्रियों से मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही यात्रा करने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
उत्तराखंड मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक सीएस तोमर ने कहा कि आने वाले दिनों में राज्य के कई हिस्सों में तेज बारिश होने की संभावना है और ज्यादातर क्षेत्रों में बारिश का प्रभाव देखने को मिलेगा।

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