धतूरा जहर होकर भी किसी अमृत से कम नहीं है, जानिए फायदे

खबर शेयर करें

समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। धतूरा सावन के महीने में सबसे ज्यादा चढ़ावे के रुप में प्रयोग किया जाने वाला फल हैं। वैसे तो आम लोगों के बीच इसे एक जहरीले फल के तौर पर देखा जाता है और इसे पूजा के अलावा और किसी काम में प्रयोग नहीं लाया जाता है। लेकिन इसका प्रयोग कई तरह की समस्याओं में किया जाता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि धतूरा गंजापन दूर करने में सहायक होता है। आएये जानते हैं कुछ ऐसे ही फायदों के बारे में.-धतूरा भगवान शिव का प्रिय है। इसे सावन के महीने में ङोलेनाथ को अर्पित किया जाता है। धतूरे के रस को सिर पर लगाने से डैंड्रफ खत्म होते हैं। साथ ही इसके रस को लगाने से गंजापन कम होता है।
-अगर बवासीर के परेशान हैं तो ये इसके इलाज में भी कारगर है। धतूरे के पत्ते और फूलों को जलाकर इसके धुएं से बवासीर के मस्सों की सिकाई की जाती है।
-इसे तिल के तेल के साथ मिलकार लगाने से शरीर में दर्द वाली जगह पर लगाने से आराम मिलता है।
-हर रोज धतूरे के रस में तिल का तेल मिलाकर गठिया, जोड़ों के दर्द में इस्तेमाल किया जाता है। इससे ना केवल जोड़ों का हल्का दर्द बल्कि गठिया में भी आराम मिलता है।
-इसके अलावा पुराने समय में धतूरे के बीज को जलाकर उसका प्रयोग बुखार या फिर जुकाम में हुए कफ को दूर करने के लिए करते थे।
-अगर शरीर पर कहीं घाव हो जाए तो हल्के गुनगुने पानी की धार से धोकर उसपर धतूरे के पत्ते की पोटली बांध लें। आराम मिलेगा।
-लेकिन इन सबके बावजूद इसके प्रयोग से पहले किसी अच्छे विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें ले। किसी विशेषज्ञ की सलाह से ही इसक प्रयोग करें।
-धतूरे के बीजों को पीसकर उसकी लुग्धी बना लें फिर उसे दातों में जहां दर्द हो रहा हो वहां लगा लें, फायदा होगा।

ADVERTISEMENTSAd

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें

👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें

हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440