दीपावली 2024: दिवाली के दिन इन 10 गलतियों के कारण नहीं मिलता पूजा का पूरा फल, ये हैं पूजा के समय विशेष ध्यान रखने वाली बातें

खबर शेयर करें

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। दिवाली, रोशनी और खुशियों का त्योहार है, जो हर साल पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा कर सुख-समृद्धि की कामना की जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ छोटी-छोटी गलतियां पूजा का पूरा फल मिलने में बाधा बन सकती हैं? यहां जानिए 10 ऐसी सामान्य गलतियां जिनसे बचकर आप पूजा का पूर्ण फल प्राप्त कर सकते हैं।

गंदगी या अव्यवस्था रखना
दिवाली पूजा से पहले पूरे घर को स्वच्छ और व्यवस्थित रखना बहुत ज़रूरी है। मां लक्ष्मी को स्वच्छता प्रिय है, इसलिए गंदगी या अव्यवस्था से पूजा का फल घट सकता है।

बिना स्नान किए पूजा करना
दिवाली के दिन सुबह स्नान कर शुद्ध कपड़े पहनकर ही पूजा करें। अशुद्ध अवस्था में पूजा करने से सकारात्मक ऊर्जा में कमी आ सकती है।

यह भी पढ़ें -   आज का राशिफल | 21 सितम्बर 2026, सोमवार भाद्रपद शुक्ल दशमी पर जानिए आज का पंचांग और सभी 12 राशियों का भविष्यफल

शुभ मुहूर्त में पूजा न करना
शास्त्रों के अनुसार, दिवाली पूजा का विशेष मुहूर्त होता है। अगर आप इस मुहूर्त में पूजा नहीं करते, तो इसका पूरा फल नहीं मिलता।

सही दिशा में दीपक न जलाना
दीपावली पर मुख्य दीपक को हमेशा उत्तर या पूर्व दिशा में रखना चाहिए। गलत दिशा में दीपक रखने से शुभ परिणाम कम हो सकते हैं।

बिना पंचामृत से स्नान कराए पूजा करना
मूर्ति या चित्र की पूजा करते समय उन्हें पंचामृत से स्नान कराना चाहिए। यह मां लक्ष्मी और भगवान गणेश को प्रसन्न करने का एक मुख्य तरीका है।

अशुद्ध धातु के बर्तन का उपयोग करना
पूजा के दौरान साफ और शुद्ध बर्तनों का प्रयोग करें। पुराने या अशुद्ध बर्तनों का उपयोग करने से पूजा का प्रभाव कम हो सकता है।

बिना रोली, चावल और फूल चढ़ाए पूजा करना
पूजा में रोली, चावल और फूल का चढ़ावा अत्यंत आवश्यक होता है। बिना इनके पूजा अधूरी मानी जाती है और इसका पूरा फल नहीं मिलता।

यह भी पढ़ें -   परिवर्तिनी एकादशी 2026: 22 को होगा व्रत, 23 को पारण के साथ ऐसे खोलेंगे व्रत

पूरे परिवार के बिना पूजा करना
दिवाली की पूजा परिवार का मिलन भी होता है। पूरे परिवार के बिना पूजा करने से सामूहिक सकारात्मक ऊर्जा में कमी हो सकती है।

ध्यान और मंत्र जाप में ध्यान न लगाना
पूजा में ध्यान और मंत्र जाप अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। पूजा के दौरान मन को शांत रखकर मंत्र जाप करने से पूजा का पूरा फल मिलता है।

प्रसाद के बिना पूजा समाप्त करना
प्रसाद का वितरण पूजा के बाद अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इसे परिवार और पड़ोसियों में बांटना शुभ माना जाता है। प्रसाद के बिना पूजा अधूरी मानी जाती है।

दिवाली की पूजा में इन 10 गलतियों से बचकर आप पूजा का पूर्ण फल प्राप्त कर सकते हैं। याद रखें कि दिवाली सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि एक सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत भी है। आशा है कि इस दिवाली आपकी पूजा सफल और फलदायी हो!

ADVERTISEMENTSAd Ad Ad

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें

👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें

हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440