पाचन संबंधी समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए सेवन किया जाता है बड़ी सौंफ का

Ad
खबर शेयर करें

समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। सौंफ का उपयोग सबसे अधिक पाचन संबंधी समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए किया जाता है। इसके एंटीस्पास्मोडिक (पेट और आंत में ऐंठन दूर करने वाली दवाई) और कार्मिनेटिव (एक तरह की दवा, जो पेट फूलने या गैस बनने से रोकती है) गुण इरिटेबल बाउल सिंड्रोम जैसी पेट की गंभीर समस्याओं से छुटकारा दिलाने में काफी कारगर होते हैं (1)। इसके अतिरिक्त, पेट दर्द, पेट में सूजन और गैस जैसी समस्याओं से छुटकारा दिलाने के साथ ही अल्सर, दस्त और कब्ज आदि से राहत दिलाने में भी सौंफ कारगर साबित हो सकती है।

आंखों की रोशनी के लिए सौंफ के फायदे
आंखों की छोटी-मोटी समस्याओं से छुटकारा दिलाने में भी सौंफ काफी कारगर साबित हो सकती है। अगर किसी की आंखों में जलन या फिर खुजली हो रही है, तो सौंफ की भाप आंखों पर लेने से राहत मिल सकती है। इसके लिए सौंफ को सूती कपड़े में लपेटकर हल्का गर्म करके आंखों को सेंक सकते हैं। ध्यान रहे कि यह अधिक गर्म न हो। आंखों की रोशनी बढ़ाने में विटामिन-ए और विटामिन-सी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सौंफ में विटामिन-ए पाया जाता है। इस प्रकार सौंफ के सेवन से बढ़ती उम्र में भी आपकी आंखों की रोशनी प्रभावित होने से बच सकती है।

वजन कम करने में मददगार
फाइबर से भरपूर सौंफ बढ़ते वजन को नियंत्रित करने में भी लाभदायक हो सकती है। यह न सिर्फ वजन कम करने में सहायक होती है, बल्कि शरीर में अतिरिक्त वसा को बनने से भी रोकती है। कोरिया में हुए एक शोध के मुताबिक सौंफ की एक कप चाय पीने से भी बढ़ते वजन को रोका जा सकता है।

अस्थमा और अन्य श्वास संबंधी समस्याओं के लिए
एक इजिप्टियन शोध के मुताबितक सौंफ को सदियों से श्वास संबंधी समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए उपयोग किया जा रहा है। यह ब्रोनिकल मार्ग को साफ कर श्वास क्रिया को दुरुस्त रखती है। न्यूट्रिशनल ज्योग्राफी की वेबसाइट के अनुसार फेफड़ों की सेहत के लिए सौंफ लाभदायक है। इसके अतिरिक्त, सौंफ में पाए जाने वाले पाइथोन्यूट्रिएंट्स अस्थमा के लिए भी फायदेमंद हो सकते हैं।

सांसों की दुर्गंध दूर करे
सौंफ का उपयोग आमतौर पर सांसों की ताजगी बनाए रखने के लिए किया जाता है। सौंफ के कुछ दानों को चबाने मात्र से ही सांसों की दुर्गंध दूर हो जाती है। सौंफ चबाने से मुंह में लार अधिक मात्रा में बनती है, जो बैक्टीरिया को दूर करने में मददगार साबित हो सकती हैं। इसके अतिरिक्त सौंफ के गुण ये भी हैं कि यह मुंह के संक्रमणों से भी बचा सकती है।

यह भी पढ़ें -   बेहद ही गुणकारी होती है चारोली, जानें इससे जुड़े फायदे

कॉलेस्ट्रोल
सौंफ में फाइबर भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो कोलेस्ट्रोल को नियंत्रित करने में लाभदायक होता है। फाइबर, कोलेस्ट्रोल को खून में घुलने से रोकता है और इस प्रकार दिल की बीमारियों से भी बचाव कर सकता है।

कफ से निजात
सर्दी में कफ की समस्या आम हो जाती है और आमतौर पर छोटे बच्चों को इससे कुछ ज्यादा ही परेशानी होती है। ऐसे में किचन में रखी सौंफ इस समस्या से आसानी से छुटकारा दिला सकती है। सौंफ में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो कफ जैसी छोटी-मोटी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं।

मस्तिष्क के लिए फायदेमंद
सेहतमंद शरीर के लिए मस्तिष्क का चुस्त-दुरुस्त होना भी आवश्यक है और इसमें सौंफ बड़ी भूमिका निभा सकती है। सौंफ में विटामिन-ई और विटामिन-सी पाए जाते हैं। विटामिन-सी ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करता है, जिससे बढ़ती उम्र में मस्तिष्क की समस्याएं काफी हद तक कम हो सकती है। वहीं, विटामिन-ई एंटीऑक्सीडेंट के तौर पर काम करता है और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से कोशिकाओं को क्षति पहुंचने से रोक सकता है।

कब्ज से राहत
अनियमित दिनचर्या और खान-पान के कारण कब्ज की समस्या आम बात हो जाती है। एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर सौंफ कब्ज को छूमंतर करने में मदद कर सकती है। सौंफ का काढ़ा बनाकर पीने से बहुत हद तक कब्ज से छुटकारा मिल सकता है।

स्तनपान के लिए लाभदायक
स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए भी सौंफ लाभकारी हो सकती है। इसमें एथनॉल नामक तत्व पाया जाता है, जो फाइटोएस्ट्रोजन है और महिलाओं में दूध बनने की क्षमता को बढ़ाता है। इसके अतिरिक्त, यह भी कहा जाता है कि स्तन की सूजन कम करने में भी सौंफ सहायक हो सकती है, लेकिन इस बात की अभी तक वैज्ञानिक रूप से कोई पुष्टि नहीं की गई है।

रक्तचाप नियंत्रित करने में मददगार
रक्तचाप नियंत्रित करने में सौंफ चमत्कारिक रूप से काम कर सकती है। इसमें मौजूद पोटैशियम खून में सोडियम की मात्रा को नियंत्रित करता है और इसके दुष्प्रभाव से बचाता है। इसके अलावा, सौंफ में नाइट्रेट की भी मात्रा होती है, जो बल्ड प्रेशर को कम कर सकता है। साथ ही इसमें मैग्नीशियम भी अधिक मात्रा में पाया जाता है, जो महिलाओं में हाई बल्ड प्रेशर के खतरे को कम कर सकता है।
अच्छी नींद के लिए
सौंफ के अनेक गुणों में से एक गुण यह भी है कि यह अच्छी नींद लाने में मदद कर सकती है। सौंफ में मैग्नीशियम पाया जाता है, जिसके बारे में कहा जाता है कि यह अच्छी नींद और नींद के समय को बढ़ा सकती है। साथ ही यह भी कहा जाता है कि मैग्नीशियम अनिद्रा दूर भगाने में भी मददगार हो सकती है।

यह भी पढ़ें -   रात में खाली पेट सोने से शरीर में होते हैं ये बदलाव, जानिए ये आपके लिए कितना सही है

मासिक धर्म की समस्याओं से राहत दिलाए
मासिक धर्म की शुरुआत से पहले महिलाओं को तमाम छोटी-मोटी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। मसलन पेट में दर्द और मरोड़ आदि जैसे लक्षण मासिक धर्म के शुरू होने से पहले सामने आते हैं। मासिक धर्म की इन समस्याओं से छुटकारा दिलाने में सौंफ कुछ हद तक लाभकारी साबित हो सकती है। हालांकि, यह आवश्यक नहीं है कि इसका फायदा सभी को मिले, किसी को इससे लाभ हो सकता है और किसी को नहीं भी। यह व्यक्ति के शरीर पर निर्भर करता है।

हर्निया के उपचार में सहायक
चीन की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति में सौंफ का उपयोग हर्निया के उपचार के लिए किया जाता रहा है और कुछ स्रोत इस बात की पुष्टि भी करते हैं। हालांकि, यह स्पष्ट रूप से नहीं कहा जा सकता कि हर्निया के उपचार में सौंफ कारगर है या नहीं, लेकिन उपचार के तौर पर इसका इस्तेमाल करने से पहले आप किसी डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।

मधुमेह से बचाए
एक शोध के अनुसार सौंफ में पाया जाने वाला तेल मधुमेह रोगियों के लिए काफी लाभदायक साबित हो सकता है। यह खून में शर्करा की मात्रा को कम कर मधुमेह के खतरे को भी कम कर सकता है। सौंफ में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट गुण भी कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम कर सकते हैं।

स्तनों के आकार में वृद्धि
महिलाओं के लिए सौंफ खाने के फायदे कई प्रकार से हैं। ऐसा कहा जाता है कि सौंफ खाने से स्तनों के आकार में वृद्धि हो सकती है, लेकिन इस संबंध में डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर होगा। साथ ही इस संबंध में कोई वैज्ञानिक शोध भी उपलब्ध नहीं है।

सेहतमंद लीवर के लिए
वैज्ञानिक शोध के अनुसार, सौंफ का उपयोग प्राचीन समय से चिकित्सा के रूप में किया जा रहा है। लिवर की समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए भी सौंफ का इस्तेमाल किया जा सकता है (2)। सौंफ में एंटीऑक्सीडेंट और अन्य मिनरल्स पाए जाते हैं, जो लीवर को सेहतमंद बनाए रखने में मददगार साबित होते हैं। सौंफ में सेलेनियम की मात्रा भी पाई जाती है, जो लीवर की क्षमता को बढ़ाता है और शरीर से हानिकारक तत्वों को निकालने में सहायक हो सकता है।

मॉर्निंग सिकनेस
सौंफ से महिलाओं को प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली मॉर्निंग सिकनेस से राहत मिल सकती है। उल्टी और जी-मिचलाना मॉर्निंग सिकनेस के लक्षण होते हैं और आमतौर पर ये लक्षण प्रेगनेंसी के चौथे सप्ताह में दिखने लगते हैं। हालांकि, मॉर्निंग सिकनेस सुबह के समय होती है, लेकिन इसका प्रभाव दिन भर रह सकता है। एक कप सौंफ की चाय या इसे चबाने से मॉर्निंग सिकनेस से छुटकारा मिल सकता है। इतना ही नहीं, इससे पेट की गैस और अन्य छोटी-मोटी समस्याओं से भी राहत मिल सकती है।

यह भी पढ़ें -   रात में खाली पेट सोने से शरीर में होते हैं ये बदलाव, जानिए ये आपके लिए कितना सही है

कैंडिडा से बचाए
कैंडिडा फंगस का एक प्रकार है, जो मुंह, नाक और कान जैसे शरीर के अन्य भागों में हो सकता है। वैसे तो यह हानिकारक नहीं होता है, लेकिन अगर इस पर ध्यान न दिया जाए, तो यह बढ़ सकता है और समस्या उत्पन्न कर सकता है। सौंफ में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट गुण कैंडिडा से बचा सकते हैं।

त्वचा को निखारे
सौंफ के गुण में त्वचा का ध्यान रखना भी शामिल है। इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीमाइक्रोबियल और एंटीएलर्जिक गुण त्वचा की सुंदरता बनाए रखने में मददगार साबित हो सकते हैं। मसलन, सौंफ की भाप चेहरे के स्किन टैक्सचर को बनाए रख सकती है। इसके लिए एक लीटर उबलते पानी में एक चम्मच सौंफ डालें। उसके बाद तौलिये से अपने सिर को गले तक कवर करके पांच मिनट तक भाप लें। ऐसा सप्ताह में दो बार करने से त्वचा की चमक बढ़ सकती है।

बालों का ध्यान रखे
सौंफ में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-माइक्रोबियल जैसे गुण बालों की विभिन्न समस्याओं से छुटकारा दिला सकते है। बालों में डैंड्रफ, सिर में खुजली और बालों का गिरना ये कुछ ऐसी समस्याएं हैं, जिनसे निजात दिलाने में सौंफ कारगर साबित हो सकती है। इसके लिए सौंफ का मिश्रण तैयार करना होगा और उससे अपने बालों को धोना होगा। इससे बालों की उम्र लंबी हो सकती है।

आइए, अब जानते हैं कि सेहत के लिए सौंफ का उपयोग किस प्रकार किया जा सकता है।

  • सौंफ का उपयोग चाय के रूप में भी किया जा सकता है। सौंफ की चाय पीने से मोटापे को कम किया जा सकता है।
  • आप खाने के बाद भी सौंफ का सेवन पाचन शक्ति को बढ़ाने के लिए कर सकते हैं। सिर्फ पाचन ही नहीं, बल्कि इससे खून भी साफ हो सकता है।
  • माउथ फ्रेशनर के रूप में भी आप सौंफ का उपयोग कर सकते हैं। यह सांसों की दुर्गंध से छुटकारा दिला सकती है।
  • अगर भूनी हुई सौंफ को मिश्री के साथ खाया जाए, तो खांसी से राहत और आवाज की मधुरता बढ़ाई जा सकती है।
Ad
Ad

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *