सुबह उठते ही खाली पेट इस पानी को घूंट-घूंट करके पीएं, इससे आपको काफी फायदा मिलेगा

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Drink this water sip by sip on an empty stomach as soon as you wake up in the morning, you will get a lot of benefit from it.

समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। तांबे के बर्तन में पानी पीने का चलन आज से नहीं, बल्कि वर्षों पुराना है। पहले के समय में लोग स्टील की बजाय तांबे या पीतल के बर्तनों का ही इस्तेमाल करते थे। आज भी तमाम लोग तांबे के बर्तन के फायदों को देखते हुए इसमें पानी पीना पसंद करते हैं। बाजार में भी कई तरह के स्टाइलिश बर्तन आपको मिल जाएंगे। आयुर्वेद में माना गया है कि तांबे के बर्तन में रखा पानी पीने से हमारे शरीर में वात, पित्त और कफ का संतुलन बना रहता है जो शरीर को तमाम रोगों से बचाता है। नेचुरोपैथी विशेषज्ञ डॉ. रमाकांत शर्मा का कहना है कि तांबे के बर्तन का अच्छी तरह से लाभ लेने के लिए इसके कुछ नियमों को जानना जरूरी है, साथ ही कुछ गलतियों को करने से बचना चाहिए, वरना आपकी मुश्किल बढ़ सकती है।

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डॉ. रमाकांत के मुताबिक तांबे का बर्तन पानी चार्ज्ड वॉटर कहलाता है। इसे पीने के लिए कम से कम इसे 7 से 8 घंटे तक बर्तन में ही रखकर छोड़ दें। इससे तांबे के सारे गुण पानी में आ जाते हैं। लेकिन जिस तरह किसी चीज को चार्ज करते समय जमीन पर नहीं रखा जाता, इसी तरह तांबे के बर्तन को भी जमीन पर नहीं छोड़ा जाता। जब भी पानी तांबे के बर्तन में रखें तो उस बर्तन को लकड़ी के पाटे या मेज पर रखें।

सुबह खाली पेट पीना सबसे बेहतर

वैसे तो तांबे के बर्तन में रखा पानी कभी भी पीया जा सकता है, लेकिन सुबह के समय खाली पेट इसे पीने के फायदे कहीं ज्यादा होते हैं। रात में सोते समय तांबे का बर्तन साफ करके करीब एक से सवा लीटर तक पानी लकड़ी के पाटे या मेज पर रखें। सुबह उठते ही खाली पेट इस पानी को घूंट-घूंट करके पीएं। इससे आपको काफी फायदा मिलेगा।

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जानिए इसके फायदे

  • इस पानी को पेट की समस्घ्याओं को दूर करने वाला माना जाता है। ये पेट की आंतों में जमा गंदगी को भी साफ कर देता है और गैस, एसिडिटी आदि समस्या से छुटकारा दिलाता है।
  • तांबा रक्त शुद्धि का काम करता है. इस पानी को पीने से स्किन से जुड़ी समस्याओं में राहत मिलती है।
  • तांबे के पानी में एंटी इंफ्लेमेट्री गुण होते हैं जो आर्थराइटिस की समस्या से बचाते हैं।
  • इसमें कैंसर विरोधी तत्व मौजूद होते हैं, जो इस घातक रोग से बचाव करने में मददगार माने जाते हैं।

ये गलतियां कभी न करें

  • जो लोग एसिडिटी के मरीज हैं, वे कभी इस पानी को न पीएं, वरना परेशानी बढ़ जाएगी क्योंकि चार्ज होने के बाद तांबे के पानी की तासीर गर्म हो जाती है।
  • यदि किडनी या हार्ट के मरीज हैं तो इस पानी को पीने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
  • पानी के अलावा तांबे के बर्तन में कोई अन्य चीज जैसे दूध, खट्टी चीजें आदि डालकर खाने की भूल न करें। इससे फूड पॉयजनिंग हो सकती है।
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