समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। बुखार आने के बाद तो सभी इलाज करते हैं, लेकिन अगर रोजमर्रा के जीवन में कुछ अच्छी आदतें डालने से आप रोगों से दूर भी रह सकते हैं.हिन्दू संस्कृति में कई अच्छी बातों को सिखाया जाता हैं पर आज के वक्त में उनके अनुरूप कार्य करना कठिन हैं।
उपाय –
- शाम के समय ताम्बे के पात्र में पानी भर कर रखे और सुबह सूर्याेदय से पूर्व उसे बिना ब्रश किये बासे मूंह पीये साथ ही 15 मिनट सैर करे। इससे पेट के रोग दूर होते हैं। इससे बाल वक्त से पहले सफेद नहीं होते। यह जल अत्यंत गुणकारी माना गया हैैं
- भोजन करने के एक घंटे बाद पानी पीये इससे पाचन तंत्र तो सुधरता ही हैं साथ ही खासी जैसी बीमारी नहीं होती।
- तुलसी एक अत्यंत गुणकारी पौधा हैं. तुलसी की चार पत्ती रोज खाने से हृदय, पेट के रोग नहीं होते साथ ही केंसर से भी बचाव होता हैं।
- भोजन अच्छी तरह से चबा कर खाए साथ ही भोजन के बीच बार बार पानी न पीये और भोजन के एक घंटे बाद कुनकुना पानी पियें इससे पाचन तंत्र ठीक रहता हैं। और मोटापा भी दूर होता हैं साथ ही पेट के कोई रोग नहीं होते।
- सप्ताह के एक बार करेले की सब्जी अवश्य खाये। इससे बुखार, पित्त, दस्त, पेट के कीड़े आदि सभी से बचाव होता हैं। साथ ही करेला मोटापे को दूर करता हैं और मधुमेह के रोगी के लिए भी फायदेमंद होता हैं।
- भोजन में लहसन का इस्तेमाल करे यह एक एंटीबायोटिक हैं। लहसुन से टीबी जैसे भयानक रोग नहीं होते। साथ ही रक्त भी साफ़ रहता हैं। लहसुन की एक कली के चार टुकडे कर उन टुकड़ों को भोजन के बाद चबा कर खाये। इससे सभी कीटाणु मर जाते हैं और शरीर स्वस्थ रहता हैं। इससे पेट के केंसर भी नहीं होता।
- अदरक, काली मिर्च और तुलसी के पत्तों की चाय बनाये और इसका सेवन करें इससे खासी, कफ के साथ साथ मलेरिया से भी शरीर की रोकथाम होती हैं।
- मनुष्य को कभी दक्षिण की ओर सिर करके नहीं सोना चाहिये इससे हृदय संबंधी परेशानी होती हैं। इसका करण यह हैं कि शरीर में सिर में धनात्मक आवेश तथा पैरों में ऋणात्मक आवेश होता हैं और पृथ्वी के उत्तर में धनात्मक आवेश और दक्षिण में ऋणात्मक आवेश रहता हैं। और इस बीच विद्युतीय प्रभाव होता हैं. अगर मनुष्य और पृथ्वी के बीच विपरीत आवेश (पृथ्वी की दक्षिण दिशा और मनुष्य का सिर) मिलते हैं तो विद्युतीय प्रभाव उत्पन्न हो जाता हैं जो कि हानिकारक हैं। इसलिए सोते वक्त दिशा का ध्यान रखे।
- प्याज में भी अत्यंत गुणकारी तत्व होते हैं इसे भोजन के साथ नियमित खाने से वायरल जैसे रोगों से बचाव होता हैं। गर्मी के समय प्याज के सेवन से शीतलता बनी रहती हैं इससे लू नहीं लगती।
- नींबू की शिकंजी पीने से हैजा से बचाव होता हैं। नींबू शरीर के लिए अत्यंत लाभकारी हैं।
यह थे 10 आसान घरेलु उपाय जिसे अपनाने से रोगों से शरीर का बचाव होता हैं। और इन्हें आसनी से दिनचर्या का हिस्सा बनाया जा सकता हैं।


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