समाचार सच, अध्यात्म उेस्क। अधिकमास के महीने में 1 अगस्त को पूर्णिमा पड़ने वाली है। पूर्णिमा का हिंदू धार्मिक मान्यताओं में खास महत्व है। यह पूर्णिमा तिथि मां लक्ष्मी को समर्पित है और अधिकमास का महीना भगवान विष्णु को ऐसे में आपको इस दिन दोनों की कृपा मिलेगी।
पूर्णिमा के दिन व्रत रखना किसी पवित्र नदी में स्नान करना और भगवान सत्यनारायण की कथा सुनना बहुत शुभ होता है। वहीं, मान्यताओं के अनुसार, इस अधिकमास की पूर्णिमा पर बेहद शुभ योग बन रहे हैं।
अधिकमास पूर्णिमा शुभ मुहूर्त
अधिकमास पूर्णिमा तिथि शुरू- 1 अगस्त 2023, सुबह 03.51
अधिकमास पूर्णिमा तिथि समाप्त- 2 अगस्त 2023, प्राप्त 12.01
- स्नान-दान मुहूर्त- सुबह 04.18- सुबह 05.00
- सत्यनारायण पूजा – सुबह 09.05- दोपहर 12.27
- चंद्रोदय समय- शाम 07.16
- मां लक्ष्मी पूजा- प्रातः 12.07- प्रातः 12.48 (2 अगस्त 2023)
अधिकमास पूर्णिमा शुभ योग
अधिकमास पूर्णिमा के दिन प्रीति योग, आयुष्मान योग और सिंह राशि में बुध और शुक्र की युति से लक्ष्य नारायण योग का संयोग बन रहा है।
- प्रीति योग- 31 जुलाई 2023, रात 11.05- 1 अगस्त 2023, शाम 06.53
- आयुष्मान योग- 01 अगस्त 2023, शाम 06.53- 02 अगस्त 2023, दोपहर 02.34
- लक्ष्मी नारायण योग- ज्योतिष शास्त्र में बुध को नारायण और शुक्र को लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है और ये धन लाभ कराने वाला योग है।
पूर्णिमा के दिन की पूजन विधि
-1 अगस्त को पड़ रही अधिकमास की पूर्णिमा के दिन सुबह उठकर गंगा में स्नान करना शुभ है लेकिन अगर आप नदी में जाकर न नहा पाएं तो अपने नहाने के पानी में गंगा जल डालकर नहाएं।
- इसके बाद सूर्य को अर्घ्य दें और मंत्रों का जाप करें। सत्यनारायण भगवान की कथा सुने या पढ़ें। शाम के समय दीपक जलाएं। मान्यता के अनुसार, अधिकमास की पूर्णिमा के दिन तुलसी पूजा का अति विशेष महत्व है। इस दिन चंद्रमा को अर्घ्य देने से धन की प्राप्ति होती है।



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